पंजाब में 15 जनवरी से लागू होगी ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’, हर परिवार को मिलेगा 10 लाख का मुफ्त इलाज

चंडीगढ़: पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार नए साल में प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक सौगात देने जा रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने घोषणा की है कि 15 जनवरी 2026 से पूरे पंजाब में ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ (Mukh Mantri Sehat Bima Yojana) लागू कर दी जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा।

केजरीवाल और सीएम मान करेंगे औपचारिक शुरुआत
स्वास्थ्य मंत्री ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस योजना का आधिकारिक शुभारंभ 15 जनवरी को ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक धन के अभाव में बेहतर इलाज से वंचित न रहे।
यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ ऐतिहासिक समझौता
योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए पंजाब सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज कंपनी यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस (United India Insurance Company) के साथ एक आधिकारिक समझौता (MoU) किया है। इस समझौते के तहत बीमा कंपनी सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा सुनिश्चित करेगी।

पंजीकरण के लिए लगेंगे 9 हजार मेडिकल कैंप
डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि योजना का लाभ जन-जन तक पहुँचाने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर तैयारी की है।
- विशेष कैंप: पूरे राज्य में लगभग 9,000 मेडिकल और पंजीकरण कैंप लगाए जाएंगे।
- नामांकन प्रक्रिया: इन कैंपों में जाकर नागरिक अपना पंजीकरण करा सकेंगे। पंजीकरण के तुरंत बाद पात्र व्यक्ति मुफ्त इलाज की सुविधा का लाभ उठा सकेगा।
- सेहत कार्ड: अगले 3 से 4 महीनों के भीतर राज्य के सभी लाभार्थियों तक विशेष ‘हेल्थ कार्ड’ पहुँचा दिए जाएंगे।
योजना की मुख्य विशेषताएं:
- 10 लाख का कवर: प्रति परिवार सालाना 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज।
- यूनिवर्सल कवरेज: इसमें आय की कोई सीमा नहीं है। सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी और सामान्य नागरिक—सभी इसके पात्र होंगे।
- अस्पतालों का नेटवर्क: राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ चुनिंदा बड़े निजी अस्पतालों में भी इलाज संभव होगा।
- दस्तावेज: पंजीकरण के लिए केवल आधार कार्ड और वोटर आईडी कार्ड की आवश्यकता होगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की तुलना में इस बीमा राशि को दोगुना (5 लाख से बढ़ाकर 10 लाख) किया गया है। वर्तमान में सरकार अस्पतालों को पैनल में शामिल करने की अंतिम प्रक्रिया में है ताकि 15 तारीख से मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न आए।








