दक्षिण कोरिया ने भारतीय पर्यटकों को दिया बड़ा तोहफा: ग्रुप वीज़ा फीस में छूट जून 2026 तक बढ़ी

सियोल / नई दिल्ली: दक्षिण कोरिया जाने की योजना बना रहे भारतीय पर्यटकों के लिए एक शानदार खबर है। दक्षिण कोरियाई सरकार ने भारत समेत छह देशों के ‘ग्रुप टूरिस्ट्स’ (समूह पर्यटकों) के लिए वीज़ा प्रोसेसिंग फीस में दी जाने वाली छूट को अगले छह महीनों के लिए और बढ़ा दिया है। अब यह सुविधा 30 जून 2026 तक लागू रहेगी।
क्या है नया फैसला?
दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्री कू यून-चोल ने बुधवार को इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा की। उन्होंने बताया कि C-3-2 वीज़ा (जिसे ग्रुप टूरिस्ट वीज़ा कहा जाता है) पर लगने वाली 18,000 वॉन (लगभग 1,120 भारतीय रुपये या 12.5 अमेरिकी डॉलर) की प्रोसेसिंग फीस को अस्थायी रूप से माफ रखा जाएगा। यह योजना पहले 31 दिसंबर 2025 को समाप्त होने वाली थी, लेकिन पर्यटकों के बढ़ते उत्साह को देखते हुए सरकार ने इसे विस्तार देने का फैसला किया है।
इन देशों को मिलेगा लाभ
दक्षिण कोरिया की इस उदार नीति का लाभ जिन छह देशों को मिलेगा, उनमें शामिल हैं:
- भारत
- चीन
- वियतनाम
- फिलीपींस
- इंडोनेशिया
- कंबोडिया

पर्यटन में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोत्तरी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दक्षिण कोरिया में विदेशी पर्यटकों की संख्या में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है। नवंबर 2025 में पर्यटकों की संख्या में 17.3% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई।
- नवंबर का आंकड़ा: लगभग 16 लाख विदेशी पर्यटक।
- तुलना: यह संख्या महामारी से पहले यानी 2019 के स्तर से भी 9.6% अधिक है।
- वार्षिक प्रगति: जनवरी से नवंबर 2025 के बीच कुल 1.74 करोड़ पर्यटक दक्षिण कोरिया पहुंचे।
चीन और जापान रहे शीर्ष पर
पर्यटकों के स्रोत देशों में चीन सबसे आगे रहा, जहाँ से 3.78 लाख लोग पहुंचे। इसके बाद जापान, ताइवान, अमेरिका और फिलीपींस का स्थान रहा। दिलचस्प बात यह है कि जापानी पर्यटकों की संख्या में 2019 के मुकाबले 40% से अधिक की वृद्धि हुई है।

2 करोड़ के आंकड़े पर नज़र
संस्कृति, खेल और पर्यटन मंत्रालय को उम्मीद है कि इस साल के अंत तक कुल पर्यटकों की संख्या 1.87 करोड़ के पार निकल जाएगी, जो अपने आप में एक नया रिकॉर्ड होगा। सरकार का लक्ष्य जल्द ही सालाना 2 करोड़ विदेशी पर्यटकों के ऐतिहासिक मील के पत्थर को पार करना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वीज़ा शुल्क में छूट और ‘के-कल्चर’ (K-Pop और K-Drama) के बढ़ते वैश्विक प्रभाव के कारण भारत जैसे देशों से दक्षिण कोरिया जाने वाले पर्यटकों की तादाद में 2026 में और भी बड़ी वृद्धि देखने को मिल सकती है।








