पठानकोट की 12 वर्षीय कियारा ने डेडलिफ्ट में जीता गोल्ड, दादा के नक्शेकदम पर चलते हुए किया जिला रोशन

पठानकोट : सैली रोड निवासी 12 वर्षीय नन्ही खिलाड़ी कियारा शर्मा ने सब-जूनियर पावरलिफ्टिंग में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम पूरे प्रदेश में चमकाया है।

दादा से मिली प्रेरणा, चंडीगढ़ में दिखाया दम
पठानकोट की होनहार बेटी कियारा शर्मा ने अपनी मेहनत और लगन से यह साबित कर दिया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। चंडीगढ़ में आयोजित ‘सब-जूनियर इक्विप्ड कैटेगरी’ की सिंगल मीट डेडलिफ्टिंग प्रतियोगिता में कियारा ने 80 किलोग्राम भार वर्ग में बेहतरीन तकनीक और ताकत का प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक (Gold Medal) अपने नाम किया।

कियारा के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत उनके दादा, गुलशन शर्मा हैं। उल्लेखनीय है कि सैली रोड स्थित ‘पावर जिम’ के संचालक गुलशन शर्मा स्वयं एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी हैं, जिन्होंने पिछले वर्ष रूस में आयोजित पावरलिफ्टिंग प्रतियोगिता (67 वर्ष आयु वर्ग) में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का मान बढ़ाया था।
कोच और परिवार का मिला भरपूर सहयोग
अपनी इस शानदार जीत का श्रेय कियारा ने अपनी दादी नीना शर्मा और अपने कोच, वर्ल्ड चैंपियन वेटलिफ्टर बब्लू जसरोटिया को दिया है। कियारा ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से कोच जसरोटिया के मार्गदर्शन में नियमित अभ्यास कर रही हैं। जीत की खुशी साझा करते हुए उन्होंने कहा कि परिवार के सहयोग और कठिन परिश्रम के बल पर ही वह इस मुकाम तक पहुँच पाई हैं।
कियारा के पिता कर्ण शर्मा और माता सपना शर्मा ने बताया कि उन्होंने हमेशा कियारा को पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया है।

पठानकोट पहुँचने पर हुआ भव्य स्वागत
गोल्ड मेडल जीतकर शहर पहुँचने पर स्थानीय खेल प्रेमियों और वेटलिफ्टरों ने कियारा का जोरदार स्वागत किया। कोच बब्लू जसरोटिया ने कियारा की प्रशंसा करते हुए कहा:
”कियारा में गजब का अनुशासन और सीखने की ललक है। यदि उसे इसी तरह का समर्थन मिलता रहा, तो वह भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करेगी।”

युवाओं को संदेश: खेलों से रहें स्वस्थ, नशे से रहें दूर
इस अवसर पर दादा गुलशन शर्मा और दादी नीना शर्मा ने युवाओं को खेलों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेल न केवल व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रखते हैं, बल्कि युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखने में भी सहायक होते हैं।

शहरवासियों और स्थानीय खेल विशेषज्ञों ने कियारा की इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।








