मॉस्को से लौटे जगदीप सिंह ने किया बड़ा खुलासा; राज्यसभा सांसद सीचेवाल को सौंपे रूसी सेना के आधिकारिक दस्तावेज

जालंधर/सुलतानपुर लोधी। रोजी-रोटी की तलाश में सात समंदर पार रूस गए भारतीय युवाओं के परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण युद्ध में रूसी सेना की ओर से लड़ रहे 10 भारतीय युवाओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4 अन्य अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इस सनसनीखेज और दुखद जानकारी का खुलासा जालंधर के गोराया निवासी जगदीप सिंह ने किया है, जो हाल ही में मॉस्को से लौटे हैं।

3 पंजाबी युवाओं समेत 7 अन्य की गई जान
जगदीप सिंह ने बताया कि मारे गए 10 भारतीयों में से 3 युवा पंजाब के रहने वाले थे, जबकि बाकी 7 उत्तर प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से संबंधित थे। जानकारी के अनुसार, इन युवाओं को कथित तौर पर धोखे से या मजबूरी में रूसी सेना में शामिल किया गया था। मारे गए प्रमुख युवाओं में अमृतसर के तेजपाल सिंह, लखनऊ के अरविंद कुमार, यूपी के धीरेंद्र कुमार, विनोद यादव और योगेंद्र यादव के नाम सामने आए हैं।
सांसद सीचेवाल से मदद की गुहार
मॉस्को से लौटकर जगदीप सिंह ने राज्यसभा सदस्य और पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल से मुलाकात की। जगदीप ने उन्हें रूसी सेना द्वारा जारी वे आधिकारिक दस्तावेज भी सौंपे, जिनमें इन 10 भारतीयों की मौत की पुष्टि की गई है। जगदीप के मुताबिक, कई परिवारों को अब तक यह पता भी नहीं है कि उनके लाल इस दुनिया में नहीं रहे। वे आज भी अपने बच्चों की घर वापसी की राह देख रहे हैं।

लापता युवाओं की तलाश जारी
दस्तावेजों के अनुसार, युद्ध क्षेत्र से 4 भारतीय अभी भी लापता हैं। इनकी पहचान दीपक, योगेश्वर प्रसाद, अजहरुद्दीन खान और रामचंद्र के रूप में हुई है। जगदीप सिंह ने बताया कि वह अपने भाई मनदीप की तलाश में दो बार रूस जा चुके हैं और वहां के सैन्य अधिकारियों व अस्पतालों के चक्कर काटकर ये जानकारी जुटा पाए हैं।
“यह बेहद दुखद है कि हमारे युवा बेहतर भविष्य के सपने लेकर विदेश जाते हैं और वहां युद्ध का हिस्सा बना दिए जाते हैं। मैंने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि वे रूसी सरकार पर दबाव बनाएं ताकि फंसे हुए भारतीयों को वापस लाया जा सके और मृतकों के पार्थिव शरीर उनके परिजनों तक पहुंचें।”
— संत बलबीर सिंह सीचेवाल, राज्यसभा सांसद








