इकलौते बेटे के शव को वतन लाने के लिए परिवार ने लगाई मदद की गुहार

बरनाला: जिला बरनाला के गांव छीनीवाल कलां में उस वक्त मातम छा गया, जब खबर मिली कि गांव के एक होनहार युवक की कनाडा में अचानक मृत्यु हो गई है। मृतक की पहचान 24 वर्षीय बलतेज सिंह पुत्र जगतार सिंह के रूप में हुई है। बलतेज की मौत की खबर से न केवल परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, बल्कि पूरे गांव में शोक की लहर है।
नींद में ही थम गईं सांसें
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, बलतेज सिंह कनाडा के सरे (Surrey) शहर में रह रहा था। 25 दिसंबर की सुबह बलतेज के दोस्तों ने परिवार को फोन पर सूचित किया कि जब उन्होंने उसे जगाने की कोशिश की, तो उसके शरीर में कोई हलचल नहीं थी। बाद में उसे मृत घोषित कर दिया गया। हालांकि, मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

कर्ज लेकर भेजा था विदेश, अब शव लाने के लिए नहीं हैं पैसे
मृतक के पिता जगतार सिंह और माता परमिंदर कौर ने रूंधे गले से बताया कि बलतेज उनका इकलौता बेटा था। उन्होंने अपनी जमा-पूंजी और करीब 7 लाख रुपये का कर्ज लेकर दो साल पहले उसे सुनहरे भविष्य की उम्मीद में कनाडा भेजा था।
परिवार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती बलतेज की पार्थिव देह को भारत लाना है। कागजी कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय परिवहन का खर्च करीब 25 से 27 लाख रुपये बताया जा रहा है, जो इस साधारण परिवार की आर्थिक क्षमता से कोसों दूर है।
”हमने अपना सब कुछ दांव पर लगाकर उसे विदेश भेजा था ताकि वह हमारा सहारा बन सके, लेकिन अब हमारे पास उसकी देह वापस लाने तक के पैसे नहीं हैं।” — जगतार सिंह (मृतक के पिता)

सरकार और समाज से मदद की अपील
बेबस परिवार ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, सांसद गुरमीत सिंह मीत हेयर, और विधायक कुलवंत सिंह पंडोरी से हाथ जोड़कर गुहार लगाई है कि सरकारी स्तर पर उनकी मदद की जाए। साथ ही, उन्होंने धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं से भी अपील की है कि उनके इकलौते बेटे की आखिरी बार शक्ल देखने और पैतृक गांव में अंतिम संस्कार करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करें।








