डिजिटल होगा पूरा सिस्टम, मोबाइल ऐप के जरिए मिलेगी स्टॉक की जानकारी। जनवरी 2026 तक ड्राफ्ट सार्वजनिक होने की उम्मीद।

राजधानी दिल्ली में शराब की किल्लत और दुकानों पर अपने पसंदीदा ब्रांड की तलाश में भटकने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली सरकार एक ऐसी नई आबकारी नीति (Excise Policy) तैयार कर रही है, जो शराब की बिक्री को न केवल पारदर्शी बनाएगी, बल्कि पूरी तरह डिजिटल और ‘कंज्यूमर फ्रेंडली’ भी होगी।
तकनीक से दूर होगी पुरानी व्यवस्था की खामियां
सूत्रों के अनुसार, सरकार ने इस नई नीति का मसौदा तैयार करने के लिए एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति का मुख्य लक्ष्य डेटा-आधारित (Data-driven) सप्लाई चैन बनाना है। इस नई व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल कर उन सभी कमियों को दूर किया जाएगा, जिनकी वजह से वर्तमान में ग्राहकों को स्टॉक की कमी का सामना करना पड़ता है।

मोबाइल ऐप: घर बैठे बुक करें अपना पसंदीदा ब्रांड
प्रस्तावित नीति की सबसे क्रांतिकारी विशेषता एक डेडिकेटेड मोबाइल ऐप होगी। इसके आने के बाद:
स्टॉक की जानकारी: ग्राहक देख सकेंगे कि उनके नजदीकी ठेके पर कौन सा ब्रांड उपलब्ध है।
प्री-बुकिंग: लोकप्रिय ब्रांड्स के लिए प्री-बुकिंग की सुविधा मिल सकती है, ताकि दुकान पहुंचने पर ग्राहक खाली हाथ न लौटें।
शॉप मैपिंग: ऐप पर सभी अधिकृत दुकानों की लोकेशन और वहां मौजूद स्टॉक की सटीक जानकारी मिलेगी।

”मांग पर सरकार की सीधी नजर”
नई नीति में डेटा ट्रैकिंग का विशेष प्रावधान है। यदि उपभोक्ता ऐप पर किसी विशेष ब्रांड को सर्च करते हैं और वह उपलब्ध नहीं मिलता, तो इसकी सूचना सीधे सरकार के पास जाएगी। इससे मांग का सटीक आकलन होगा और दुकानों को पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए जा सकेंगे।
जनवरी 2026 में आ सकता है ड्राफ्ट
खबर है कि इस नई नीति का ड्राफ्ट जनवरी 2026 तक जनता के सामने रखा जा सकता है। सरकार इस पर आम लोगों और विशेषज्ञों की राय मांगेगी। इसके अलावा, ग्राहकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक अलग ‘ग्रीवेंस रिड्रेसल सेक्शन’ (Grievance Redressal Section) भी बनाया जाएगा।








