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रिलेशनशिप में ‘साइलेंट ट्रीटमेंट’ कहीं आपको मानसिक रूप से बीमार तो नहीं बना रहा?

रिलेशनशिप में ‘साइलेंट ट्रीटमेंट’ कहीं आपको मानसिक रूप से बीमार तो नहीं बना रहा?

​नई दिल्ली: किसी भी रिश्ते की बुनियाद आपसी बातचीत और भरोसे पर टिकी होती है। लेकिन क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि किसी बात पर अनबन होने पर आपका पार्टनर हफ्तों तक बात करना बंद कर दे? न फोन उठाए और न ही मैसेज का जवाब दे? अगर हाँ, तो यह केवल ‘स्पेस’ (Space) नहीं, बल्कि ‘साइलेंट ट्रीटमेंट’ है, जो एक बड़ा ‘रेड फ्लैग’ हो सकता है।

​हेल्दी स्पेस और साइलेंट ट्रीटमेंट में अंतर

​अक्सर लोग इसे पार्टनर की चुप्पी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन इन दोनों के बीच जमीन-आसमान का फर्क है:

​हेल्दी स्पेस: इसमें पार्टनर स्पष्ट बताता है कि उसे सोचने के लिए कुछ समय चाहिए और वह थोड़े समय बाद बात करेगा।

​साइलेंट ट्रीटमेंट: इसमें सामने वाला व्यक्ति बिना बताए अचानक गायब हो जाता है। इसका मकसद दूसरे व्यक्ति को सजा देना या उसे असुरक्षित महसूस कराना होता है। धीरे-धीरे यह स्थिति आपके आत्म-सम्मान (Self-esteem) को खत्म करने लगती है।

​क्यों चुप हो जाते हैं पार्टनर?

​मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, इसके पीछे पार्टनर के बचपन का कोई ट्रामा या पुरानी घटनाएं हो सकती हैं। कई लोग ऐसे घरों में बड़े होते हैं जहाँ:

​गुस्सा जाहिर करने पर डांट पड़ती थी।

​चुप रहने को ही सही व्यवहार माना जाता था।

​भावनाएं दिखाने पर शर्मिंदा किया जाता था।

ऐसे में बड़े होकर लोग टकराव से बचने के लिए ‘चुप्पी’ को सुरक्षा कवच बना लेते हैं। लेकिन याद रखें, वजह चाहे जो भी हो, इसके लिए आप जिम्मेदार नहीं हैं।

​पार्टनर से बात कैसे करें? (सुलझाने के टिप्स)

​अगर आप इस दौर से गुजर रही हैं, तो इन तरीकों से अपनी बात सामने रखें:

​सही समय चुनें: जब दोनों का दिमाग शांत हो, तब बात की शुरुआत करें।

​आरोप लगाने के बजाय भावनाएं बताएं: “तुम गलत हो” कहने के बजाय कहें, “जब तुम कई दिन चुप रहते हो, तो मैं असुरक्षित महसूस करती हूँ और मुझे डर लगता है।”

​स्पष्ट क्लोजर मांगें: उनसे कहें कि “मैं समझती हूँ कि तुम्हें सोचने का वक्त चाहिए, लेकिन बिना बताए गायब होना मुझे परेशान करता है। अगर स्पेस चाहिए तो सिर्फ इतना बता दो कि मुझे 2 दिन चाहिए, मैं इंतजार कर लूंगी।”

​अपनी बाउंड्री (Boundaries) तय करें

​रिश्ते में अपनी सीमाएं तय करना जरूरी है। पार्टनर को स्पष्ट बताएं कि आप साइलेंट ट्रीटमेंट स्वीकार नहीं कर सकतीं। बातचीत के दौरान इन वाक्यों का प्रयोग करें:

​”मैं तुमसे प्यार करती हूँ, इसलिए यह बात कर रही हूँ।”

​”मुझे नहीं पता होता कि मैंने क्या गलत किया है, और यह अनिश्चितता मुझे डराती है।”

​”बिना बताए कई दिन गायब होना हमारे रिश्ते के लिए ठीक नहीं है।”

​विशेषज्ञ की सलाह: अगर बार-बार समझाने के बाद भी पार्टनर का व्यवहार नहीं बदलता और वह आपकी मानसिक शांति को प्रभावित कर रहा है, तो यह सोचने का वक्त है कि क्या यह रिश्ता वाकई आपके लिए सही है?

​क्या आप भी ऐसी किसी स्थिति का सामना कर रहे हैं? हमें अपनी कहानी साझा करें या किसी एक्सपर्ट से परामर्श लें।

Ami News
Author: Ami News

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