बड़ी राहत! फास्टैग (Fastag) के सख्त नियम खत्म, अब दोगुना टोल नहीं; डिजिटल पेमेंट पर केवल 25% अतिरिक्त शुल्क

नई दिल्ली:केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले लाखों वाहन चालकों को एक बहुप्रतीक्षित और ऐतिहासिक राहत प्रदान की है। टोल प्लाजा पर अक्सर दोगुनी टोल राशि चुकाने की मजबूरी अब खत्म हो गई है। आज शनिवार, 15 नवंबर 2025 से फास्टैग (Fastag) से जुड़े नए नियम देश भर के सभी टोल प्लाजा पर प्रभावी हो गए हैं।

अब नहीं वसूला जाएगा दोगुना टोल शुल्क
बता दें कि पुराने नियमों के मुताबिक, यदि किसी वाहन पर वैध फास्टैग नहीं होता था या फास्टैग में पर्याप्त बैलेंस नहीं होता था, तो उस वाहन से अनिवार्य रूप से निर्धारित टोल दर का दोगुना शुल्क वसूला जाता था। यह अक्सर वाहन चालकों के लिए परेशानी का कारण बनता था।
नए नियमों के लागू होने के साथ, यह सख्त प्रावधान समाप्त हो गया है। अब बिना फास्टैग वाले वाहन या कम बैलेंस वाले फास्टैग वाले वाहन टोल प्लाजा पर डिजिटल माध्यमों का उपयोग करके भुगतान कर सकेंगे और उनसे दोगुना टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा।
डिजिटल भुगतान पर केवल 25% अतिरिक्त शुल्क
नए नियमों के तहत, ऐसे वाहनों को निर्धारित टोल दर से केवल 25% अधिक (1.25 गुना) भुगतान करके आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।
- यह प्रावधान उन सभी स्थितियों में लागू होगा जहां फास्टैग उपलब्ध नहीं है, गुम हो गया है, या उसमें अपरिप्याप्त बैलेंस है।
- वाहन चालक अब UPI या किसी अन्य डिजिटल माध्यम का उपयोग करके आसानी से भुगतान कर सकेंगे, जिससे न केवल उन्हें दोगुना शुल्क देने से मुक्ति मिलेगी, बल्कि टोल प्लाजा पर अनावश्यक देरी भी कम होगी।
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भुगतान की स्थिति |
टोल दर में बदलाव |
उदाहरण (यदि टोल ₹100 है) |
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वैध फास्टैग का उपयोग |
निर्धारित दर |
₹100 |
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UPI/डिजिटल माध्यम से भुगतान |
निर्धारित दर का 1.25 गुना |
₹125 (₹25 अतिरिक्त) |
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पुराना नियम (कम बैलेंस/फास्टैग न होने पर) |
निर्धारित दर का 2 गुना |
₹200 |

सुगम आवाजाही और डिजिटल इंडिया को बढ़ावा
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का यह कदम देश में सुगम आवाजाही (Seamless Mobility) सुनिश्चित करने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। 15 नवंबर 2025 से प्रभावी इन नियमों से टोल प्लाजा पर लंबी कतारें कम होने और टोल वसूली प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे इस नए नियम का लाभ उठाने के लिए UPI सहित डिजिटल भुगतान के लिए तैयार रहें।








