भारी बारिश से जम्मू-कश्मीर में जनजीवन अस्त-व्यस्त, भूस्खलन के खतरे को देखते हुए अमरनाथ यात्रा स्थगित
जम्मू/श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। लगातार हो रही बारिश के कारण राज्य की प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं। खराब मौसम, भूस्खलन (लैंडस्लाइड) के खतरे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर पवित्र अमरनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। इस बीच, प्रशासनिक अधिकारी और आपदा प्रबंधन (डिजास्टर मैनेजमेंट) की टीमें दिन-रात स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
नदियां खतरे के निशान के करीब, निचले इलाकों में अलर्ट
पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हो रही लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। झेलम, चिनाब सहित अन्य स्थानीय नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा मंडरा रहा है।
पहाड़ी रास्तों पर जगह-जगह भूस्खलन और ऊपर से पत्थर गिरने (शूटिंग स्टोन्स) के कारण कई प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों और संपर्क मार्गों पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
बालटाल और पहलगाम में रोके गए श्रद्धालु
अमरनाथ गुफा मार्ग पर मौसम की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए यात्रा प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर यह बड़ा फैसला लिया है। लगातार बारिश के कारण रास्तों में फिसलन बढ़ गई है और भूस्खलन की संभावना अत्यधिक हो गई है।
इसी सुरक्षा कारण से श्रद्धालुओं को दोनों मुख्य आधार शिविरों—बालटाल और पहलगाम—से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
होल्डिंग एरिया और आश्रय गृहों में पुख्ता प्रबंध
विभिन्न पड़ावों पर पहुंचे श्रद्धालुओं को सुरक्षित शिविरों (होल्डिंग एरिया) और सरकारी आश्रय गृहों में ठहराया गया है। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए उनके रहने, खाने-पीने और चिकित्सा सेवाओं के पर्याप्त और उचित प्रबंध किए गए हैं। स्थिति सामान्य होते ही और मौसम विभाग की हरी झंडी मिलने के बाद यात्रा को पुनः शुरू किया जाएगा।










