हिमाचल में ‘रेड अलर्ट’ के बीच तबाही: शाहपुर की बोह घाटी में फटा बादल, 18 मकान बहे; कटड़ा में भूस्खलन
धर्मशाला / कटड़ा: हिमाचल प्रदेश में मूसलाधार बारिश को लेकर मौसम विभाग द्वारा जारी ‘रेड अलर्ट’ के बीच कांगड़ा जिले के शाहपुर उप-मंडल में भारी तबाही देखने को मिली है। मंगलवार को बोह घाटी में बादल फटने (क्लाउडबर्स्ट) से 18 मकान बह गए और 3 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस हादसे में 8 मवेशियों के बहने और 9 गौशालाओं के ध्वस्त होने की पुष्टि हुई है।
लम गांव पर मंडराया संकट, कई घरों में घुसा मलबा
सोमवार शाम से कांगड़ा, चंबा और सिरमौर के विभिन्न क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ बारिश दर्ज की गई है। आपदा के कारण लम गांव पर बड़ा खतरा पैदा हो गया है। कई घरों में मलबा, बड़े पत्थर और बहकर आए पेड़ घुस गए हैं, जबकि दर्जनों मकानों की दीवारों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं।
अगले 24 घंटे भारी, 27 जुलाई तक येलो अलर्ट: > मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में चंबा, कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, सिरमौर, शिमला, सोलन, किन्नौर और लाहौल-स्पीति जिलों में अचानक बाढ़ (फ़्लैश फ्लड) की चेतावनी जारी की है। इसके बाद 23 से 27 जुलाई तक राज्य भर में ‘येलो अलर्ट’ लागू रहेगा।
वैष्णो देवी यात्रा मार्ग (कटड़ा) पर गिरीं चट्टानें, शेड क्षतिग्रस्त
हिमाचल के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर में भी खराब मौसम का असर देखा गया। मंगलवार शाम श्री माता वैष्णो देवी यात्रा के हिमकोटी मार्ग पर देवीद्वार के पास भूस्खलन हो गया।
- कोई हताहत नहीं: पहाड़ी से अचानक गिरे मलबे और पत्थरों के कारण यात्रा मार्ग पर बना एक बड़ा सुरक्षा शेड क्षतिग्रस्त हो गया।
- बड़ा हादसा टला: एहतियात के तौर पर खराब मौसम के कारण वैष्णो देवी यात्रा पहले से ही स्थगित कर दी गई थी, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया और कोई जान-माल का नुकसान नहीं हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही संबंधित प्रशासनिक और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया व मार्ग से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया है।










