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AMI News: सीडीएससीओ की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा—हिमाचल की 45 दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल, देशभर में 159 नमूने सब-स्टैंडर्ड

सीडीएससीओ की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा: हिमाचल में बनी 45 दवाएं गुणवत्ता जांच में फेल

​देश में दवाओं की गुणवत्ता पर निगरानी रखने वाली संस्था केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) द्वारा जारी जून 2026 की ड्रग अलर्ट रिपोर्ट ने स्वास्थ्य जगत और फार्मा उद्योग में हड़कंप मचा दिया है। इस रिपोर्ट के अनुसार, जून माह में देशभर में कुल 159 दवा एवं कॉस्मेटिक नमूने गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। चिंता की बात यह है कि इनमें अकेले हिमाचल प्रदेश की दवा निर्माण इकाइयों में बनी 45 दवाओं के नमूने शामिल हैं

27 केंद्रीय और 132 राज्य प्रयोगशालाओं में हुए फेल

​सीडीएससीओ की जांच रिपोर्ट के अनुसार:

  • कुल फेल नमूने: 159 (देशभर में)
  • राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशालाएं (State Labs): 132 नमूने फेल
  • केंद्रीय प्रयोगशालाएं (Central Labs): 27 नमूने फेल

​हिमाचल प्रदेश को देश का प्रमुख ‘फार्मा हब’ माना जाता है, लेकिन एक ही महीने में 45 दवाओं का सब-स्टैंडर्ड (गुणवत्ताहीन) पाया जाना यहां के दवा उद्योग की गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

प्रभावित औद्योगिक क्षेत्र और दवाएं

​रिपोर्ट के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों—बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, झाड़माजरी, भुड, दवनी, गुल्लरवाला, कालाअंब, पांवटा साहिब, परवाणू, सोलन और कांगड़ा—में स्थित इकाइयों के उत्पाद मानकों पर विफल रहे हैं।

गुणवत्ताहीन पाई गई मुख्य दवाएं:

  • एंटीबायोटिक और बच्चों के सिरप
  • खांसी, दर्द और बुखार की दवाएं
  • हृदय रोग एवं पेट संबंधी दवाएं
  • आंखों के ड्रॉप्स एवं इंजेक्शन
  • विटामिन एवं न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद

जांच में सामने आईं ये कमियां

​प्रयोगशाला परीक्षणों के दौरान अधिकांश नमूनों में निम्नलिखित तकनीकी और रासायनिक खामियां पाई गईं:

  1. सक्रिय औषधीय तत्व (API) की कमी: दवा में मुख्य घटक की मात्रा तय मानक से कम या ज्यादा होना।
  2. डिसॉल्यूशन (Dissolution): दवा का पेट में सही समय पर न घुलना।
  3. स्टेरिलिटी और पीएच (Sterility & pH): इंजेक्शन और ड्रॉप्स में जीवाणुरहित मानकों का अभाव।
  4. पार्टिकुलेट मैटर व एस्से (Assay): सिरप व तरल दवाओं में अवांछित कणों की मौजूदगी।

कंपनियों को कारण बताओ नोटिस, स्टॉक वापस मंगाने के निर्देश

​दवा सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जो बैच गुणवत्ता जांच में असफल रहे हैं, उन्हें तुरंत प्रभाव से बाजार से वापस (Recall) बुलाया जाना अनिवार्य है ताकि मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।

प्रशासन का पक्ष:

राज्य दवा नियंत्रक मनीष कपूर ने बताया कि गुणवत्ता जांच में फेल पाई गई सभी संबंधित फार्मा कंपनियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। प्रभावित बैचों का स्टॉक बाजार से वापस मंगाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं और नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।

Ami News
Author: Ami News

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