पठानकोट में ट्रैफिक समस्या पर बड़ी खबर: नैरो गेज ट्रेन की बहाली और वैकल्पिक रूट की योजना

पठानकोट: शहर की नैरो गेज रेल लाइन पर ट्रेन सेवाओं की संभावित बहाली से पहले, पठानकोट की गंभीर ट्रैफिक समस्या को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हालांकि, प्रशासन इस समस्या से निपटने के लिए एक वैकल्पिक योजना पर विचार कर रहा है।
चक्की पुल का पुनर्निर्माण
जानकारी के अनुसार, कुछ साल पहले चक्की दरिया में आई बाढ़ से नैरो गेज रेलवे पुल बह गया था, जिससे पठानकोट से जोगिंदर नगर तक चलने वाली ट्रेन की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई थी. यह पुल 2022 में चक्की दरिया के तेज बहाव में बहा था.

करोड़ों की लागत से अब यह पुल बनकर तैयार हो चुका है. कांगड़ा घाटी रेल एक बार फिर पठानकोट से जोगिंदर नगर तक दौड़ेगी. अभी केवल चीफ रेलवे सेफ्टी इंस्पेक्शन का इंतजार है.
ट्रैफिक जाम की आशंका
हालांकि, सबसे बड़ी समस्या शहर के ट्रैफिक की है. अगर नैरो गेज लाइन पर ट्रेनें दौड़ना शुरू करती हैं, तो पूरे पठानकोट शहर का ट्रैफिक थम-सा जाएगा. ट्रेनें पठानकोट सिटी के बीच से गुजरती हैं, और सिटी स्टेशन से डलहौजी रोड स्टेशन तक 10 मुख्य क्रॉसिंग गेट हैं.
इन क्रॉसिंग गेटों को ट्रेन के गुजरने के समय बंद कर दिया जाता है, जिससे लोगों को ट्रैफिक की समस्या से जूझना पड़ता है, और शहर में ट्रैफिक की समस्या विकराल रूप ले लेती है.

मुख्य क्रॉसिंग गेटों में ढांगू रोड क्रॉसिंग, कैंपबेल रोड क्रॉसिंग, काली माता मंदिर, बीएसएनएल ऑफिस के पीछे, ओल्ड एसडीएम कोर्ट के पास दो क्रॉसिंग, भद्रोया, रामनगर, खुशी नगर, एबी कॉलेज और एंजल स्कूल के पास पड़ने वाले क्रॉसिंग शामिल हैं.
वैकल्पिक मार्ग की योजना
सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि ट्रेन चलाने से पहले शहर की ट्रैफिक समस्या पर विचार किया जा रहा है.
ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए एक योजना बनाई जा रही है. इस योजना के तहत सिटी के बजाए डलहौजी रोड से ट्रेनें चलाए जाने पर विचार किया जा रहा है.

शहरवासियों की राय
स्थानीय लोगों ने इस योजना पर खुशी व्यक्त की है. लोगों का कहना है कि अगर ऐसा होता है तो उन्हें दो-दो घंटे के जाम से निजात मिल जाएगी.
एक नागरिक ने कहा कि अगर ट्रेन बाहर के स्टेशन से शिफ्ट हो जाती है तो यह बहुत अच्छी खबर है. उन्होंने कहा कि इससे स्कूल की बसें, एंबुलेंस, और एक्टिव लेकर जाने वाले बच्चों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी. उन्होंने उम्मीद जताई कि यह काम जल्द से जल्द और ठीक तरीके से मैनेज होकर चले.

एक अन्य निवासी ने कहा कि स्टेशन के बाहर शिफ्ट होने से शहरवासियों को बहुत ज्यादा फायदा होगा, बच्चों को फायदा होगा और बुज़ुर्गों को फायदा होगा, क्योंकि शहर में ट्रैफिक का बहुत ज़ोर है.








