AMI News: गग्गल एयरपोर्ट विस्तार: टेक्नो इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट को अंतिम रूप, केंद्र की मंजूरी के बाद शुरू होगी आगे की कार्रवाई
धर्मशाला/कांगड़ा:हिमाचल प्रदेश के सबसे व्यस्त गग्गल एयरपोर्ट (कांगड़ा एयरपोर्ट) के विस्तार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। विस्तार परियोजना की टेक्नो इकोनॉमिक फिजिबिलिटी रिपोर्ट को अंतिम रूप दिया जा रहा है। केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद अधिकृत एजेंसी वेपकॉस इस रिपोर्ट को तैयार करने में जुटी है। एजेंसी द्वारा रिपोर्ट विभाग को सौंपने के बाद इसे राज्य सरकार के माध्यम से केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा, जिसके बाद आगे की कार्ययोजना तय होगी।
परियोजना के तहत रनवे की लंबाई को मौजूदा 1,376 मीटर से बढ़ाकर 3,010 मीटर करने की योजना है। इससे ए-320 जैसे बड़े यात्री विमानों के संचालन का रास्ता खुलेगा और दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों से धर्मशाला और कांगड़ा के लिए सीधी उड़ानों की संभावनाएं बढ़ेंगी। रनवे के विस्तार के लिए मांझी खड्ड पर करीब 380 मीटर लंबा पुल भी बनाया जाना प्रस्तावित है, जिसके ऊपर रनवे होगा। पुणे के सीडब्ल्यूपीआरएस विशेषज्ञ इसका तकनीकी डिजाइन तैयार कर चुके हैं। इस एयरपोर्ट को पठानकोट के कवरिंग एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की योजना है, इसलिए इसे सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विस्तार परियोजना की जद में 14 राजस्व गांव आए हैं। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण पर 3,200 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है, जिसमें से 2,600 करोड़ रुपये के अवार्ड घोषित किए जा चुके हैं। पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए करीब 575 करोड़ रुपये दिए गए हैं। भू-अर्जन और पुनर्वास के तहत लगभग 98 प्रतिशत विस्थापितों के मामले वन टाइम सेटलमेंट पॉलिसी के तहत निपटाए जा चुके हैं, जबकि शेष लोगों को कछियारी में प्लॉट देने का विकल्प दिया गया है। दूसरी ओर, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन विभाग ने अधिग्रहीत जमीनों पर कब्जा लेना शुरू कर दिया है और अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए नो एंट्री के बोर्ड लगाए गए हैं तथा फेंसिंग के लिए लोक निर्माण विभाग को 1.16 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।











