मानसा में परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड: सीबीआई ने संभाली जांच, केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे के 6 घंटे बाद पहुंची टीम; 9वें दिन भी अंतिम संस्कार से इनकार
पंजाब के मानसा में चर्चित एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच अब केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने अपने हाथों में ले ली है। मंगलवार देर रात सीबीआई की एक विशेष टीम मानसा पहुंची और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से संपर्क साधकर इस सनसनीखेज मामले से जुड़ी तमाम फाइलें और दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। तय कार्यक्रम के अनुसार, बुधवार को सीबीआई की टीम मृतक झोटा के परिजनों से मुलाकात कर उनके विस्तृत बयान दर्ज करेगी।
यह घटनाक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मानसा दौरे के तुरंत बाद सामने आया है। मंगलवार को अमित शाह ने मानसा पहुंचकर परविंदर सिंह झोटा के शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की थी और उन्हें निष्पक्ष एवं गहराई से जांच का पूरा भरोसा दिलाया था। गृह मंत्री के पंजाब से रवाना होने के महज छह घंटे के भीतर ही सीबीआई की टीम मानसा पहुंच गई, जिससे प्रशासनिक हलकों में तेजी देखने को मिली।
परिजनों की लगातार मांग के बाद पंजाब सरकार ने इस हत्याकांड की जांच पंजाब पुलिस से लेकर सीबीआई को सौंपने का निर्णय लिया था। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार, 20 अक्टूबर को सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी औपचारिक घोषणा की थी। अब सीबीआई टीम ने मामले से जुड़े तमाम तथ्यों, साक्ष्यों और दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू कर दी है, और बुधवार को परिवार के बयान दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
दूसरी ओर, परविंदर सिंह झोटा के परिवार और उनके समर्थकों का धरना बुधवार को लगातार नौवें दिन भी बदस्तूर जारी है। न्याय की मांग पर अड़े परिजनों ने अभी तक शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया है और अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। झोटा के पिता भीम सिंह ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, परिवार अंतिम संस्कार नहीं करेगा। गौरतलब है कि गत 13 अक्टूबर को केमिस्ट अश्विनी कुमार ने कथित तौर पर गोली मारकर परविंदर सिंह झोटा की हत्या कर दी थी, जिसके बाद से पूरे इलाके में रोष व्याप्त है और लगातार धरने-प्रदर्शन जारी हैं। अब सीबीआई जांच के औपचारिक रूप से शुरू होने से पीड़ित परिवार को इस मामले में निष्पक्ष और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद बंधती नजर आ रही है।











