AMI News: सिस्टम का इंतजार छोड़ा, शाह कॉलोनी के लोगों ने खुद लिखी अपनी तरक्की और सुरक्षा की नई इबारत
पठानकोट:प्रशासन या संबंधित विभागों के भरोसे बैठने के बजाय अगर स्थानीय लोग खुद आगे आएं, तो किस तरह बदलाव लाया जा सकता है, इसकी एक बेहतरीन मिसाल शाह कॉलोनी के निवासियों ने पेश की है। यहां के लोगों ने प्रशासनिक मदद का इंतजार किए बिना खुद ही अपनी सोसाइटी को हरा-भरा, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने का बीड़ा उठाया है।
सोसाइटी के चेयरमैन दिनेश महाजन, प्रेसिडेंट मानिक महाजन और उनकी पूरी टीम के नेतृत्व में पिछले कुछ महीनों के दौरान कॉलोनी में अभूतपूर्व विकास कार्य किए गए हैं। निवासियों की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कॉलोनी की सुरक्षा और सुंदरता को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। इसमें प्रवेश और निकास के लिए मजबूत गेट लगवाना, सुरक्षा गार्डों की तैनाती करना और रात्रि के समय सुरक्षा पुख्ता करने के लिए रिफ्लेक्टर व स्ट्रीट लाइटिंग की व्यवस्था शामिल है।
इसके साथ ही, सड़क के रास्तों पर टाइल्स लगवाने, वाहनों की गति नियंत्रित करने के लिए स्पीड ब्रेकर बनवाने और पर्यावरण को शुद्ध रखने के लिए बड़े पैमाने पर पौधारोपण (प्लांटेशन) का कार्य भी किया जा रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सिर्फ सड़कों और गंदगी को लेकर शिकायतें लगाने से बदलाव नहीं आता, बल्कि कई बार अपनी कॉलोनी को संवारने के लिए खुद ही पहल करनी पड़ती है।
सोसाइटी के प्रेसिडेंट मानिक महाजन और अन्य टीम के सदस्यों ने दिन-रात एक करके इस मिशन को आगे बढ़ाया है। कई बार सुबह 4 बजे उठकर कॉलोनी के सुधार कार्यों और कमियों की सूचियां तैयार की जाती हैं, ताकि विकास कार्यों में कोई कमी न रहे। स्थानीय लोगों का भी यही मानना है कि पिछले कुछ महीनों में उनकी कॉलोनी में काफी सकारात्मक और ड्रास्टिक बदलाव आया है, जिसमें हर एक निवासी ने पूरा सहयोग दिया है।
शाह कॉलोनी के लोगों का यह प्रयास आज पूरे शहर के लिए एक प्रेरणा बन गया है। यदि शहर की अन्य कॉलोनियां और वार्ड भी इसी तरह खुद आगे आकर अपनी गलियों, सड़कों और सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाएं, तो बस्तियों को पूरी तरह साफ-सुथरा, हरा-भरा और सुरक्षित बनाया जा सकता है।











