AMI News विशेष रिपोर्ट: नगर सुधार ट्रस्ट के दावों की खुली पोल, कागजों में पास पर जमीन पर बदहाल पड़ी है सैली रोड
पठानकोट के सैली रोड (एनवायरनमेंट पार्क के पास, पुराने इनकम टैक्स ऑफिस से होकर गुजरने वाली सड़क) की बदहाली इन दिनों स्थानीय लोगों के लिए गंभीर समस्या बनी हुई है। सड़क निर्माण के नाम पर सिर्फ आश्वासन मिल रहे हैं, जबकि हकीकत में यह सड़क लंबे समय से बदहाल और अनाथ पड़ी हुई है।
क्या है मुख्य समस्या?
- कागजों में पास, जमीन पर काम ठप: विभाग इस क्षेत्र के विकास का जिम्मा ‘नगर सुधार ट्रस्ट’ के अंतर्गत बताता है, लेकिन धरातल पर सुधार के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
- टेंडर पास, फिर भी देरी क्यों?: संबंधित ठेकेदार का कहना है कि सड़क निर्माण का टेंडर पास हो चुका है। लेकिन, बरसात के दौरान यहां पानी घुटनों तक भर जाने के कारण मिट्टी में अत्यधिक नमी आ गई है। ठेकेदार का दावा है कि इस गीली जमीन पर अगर सड़क बनाई गई, तो वह टिकेगी नहीं।
- जलभराव और सीवरेज की समस्या: बड़ी इमारतों और पिछले मानसून का पानी ओवरफ्लो होकर इसी सड़क पर जमा होता रहा है। सीवर के ढक्कन टूटे पड़े हैं और मलबे का ढेर आज भी सड़क पर जस का तस बिखरा हुआ है।
अधूरे कार्यों से जनता परेशान
इस मुख्य मार्ग से रोजाना बड़ी संख्या में लोग, स्कूली बच्चे और मरीजों को लेकर अस्पताल जाने वाले वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद:
- लीक पाइपलाइन और टूटी टाइलें: पीने के पानी की लीक हो रही पाइपलाइनों को ठीक तो कर दिया गया, लेकिन मिट्टी और इंटरलॉकिंग टाइलों को वैसे ही खुला छोड़ दिया गया है।
- बरसाती पानी का दलदल: मानसून के समय यह सड़क किसी ‘स्वीमिंग पूल’ जैसी बन जाती है, जिससे लोगों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है।
बड़ा सवाल: कब सुधरेगी स्थिति?
जब निर्माण के लिए टेंडर पास हो चुका है, तो इस प्रकार की भारी लापहवाही और लेटलतिफी का जिम्मेदार कौन है? क्या ‘नगर सुधार ट्रस्ट’ सच में शहर का सुधार कर पाएगा या पठानकोटवासी इसी बदहाली के आंसू रोते रहेंगे?












