सुजानपुर: रेलवे रोड पर नालों पर व्यापारियों का अवैध कब्जा, जलभराव और गंदगी से शहरवासी परेशान

- नालों पर अवैध अतिक्रमण: सुजानपुर के रेलवे रोड पर बड़े-बड़े व्यापारियों द्वारा नालों को बंद कर 40 से 50 फीट तक अवैध कब्जा कर लिया गया है।
- जलभराव और गंदगी: बारिश के दौरान नालों का पानी और गंदगी सड़कों पर आ जाती है, जिससे स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
- प्रशासनिक उदासीनता: स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद संबंधित ईओ (EO) और सैनिटरी इंस्पेक्टर की ओर से अभी तक कोई ठोस स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है।
समाचार विवरण:
सुजानपुर के रेलवे रोड पर अतिक्रमणकारियों के हौसले बुलंद हैं। यहाँ के बड़े-बड़े व्यापारियों ने अपनी दुकानों के बाहर बने नालों पर अवैध रूप से कब्जा जमा रखा है और उन्हें पक्का कर बंद कर दिया है। स्थिति यह है कि 40 से 50 फीट तक हुए इस अवैध कब्जे के कारण बारिश का गंदा पानी निकासी न होने की वजह से सीधे सड़कों पर फैल जाता है।
स्थानीय दुकानदारों और निवासियों का कहना है कि वे इस स्थिति से बेहद त्रस्त हैं। जब भी बारिश होती है, उनका यहाँ से गुजरना या दुकानों पर टिकना मुश्किल हो जाता है। लोगों का यह भी आरोप है कि मिलीभगत के चलते प्रशासन इस पर आँखें मूंदे बैठा है और अभी तक कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया है।
नगर परिषद प्रधान का पक्ष:
इस पूरे मामले पर जब नगर परिषद की प्रधान नीतू मन्हास से बातचीत की गई, तो उन्होंने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा:
- नोटिस और चेतावनी: अवैध कब्जा करने वाले दुकानदारों को जल्द ही नोटिस जारी किए जाएंगे और उन्हें चेतावनी दी जाएगी।
- सख्त कार्रवाई: यदि चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो नियमों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- सफाई व्यवस्था में बाधा: उन्होंने स्वीकार किया कि नालों पर पक्के निर्माण होने के कारण सफाई कर्मचारियों को नाले साफ करने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। भविष्य में इसे नियंत्रित किया जाएगा और शहरवासियों तथा दुकानदारों के सहयोग से इस समस्या का स्थायी हल निकाला जाएगा।
निष्कर्ष:
सुजानपुर रेलवे रोड पर जल निकासी की यह व्यवस्था कब तक पटरी पर लौटेगी और प्रशासन कब इन अवैध कब्जों पर बुलडोजर चलाएगा, यह देखने वाली बात होगी। स्थानीय जनता अब प्रशासन से कोरे आश्वासनों की बजाय ठोस और त्वरित कार्रवाई की उम्मीद कर रही है।











