24 घंटे से बंद गमाडा दफ्तर, आधी रात को हाईकोर्ट का ड्रामा; 100 करोड़ के घोटाले और ED की रेड पर पंजाब में सियासी भूचाल
मोहाली से लेकर पंजाब की सड़कों तक गूंजा भ्रष्टाचार का मामला, आईएएस अधिकारियों और मंत्रियों के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे।
मोहाली / चंडीगढ़: पंजाब की राजनीति में इस समय अभूतपूर्व और ऐतिहासिक हलचल मची हुई है। मोहाली के गमाडा (GMADA) दफ्तर में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ छापेमारी और जांच का मामला अब सीधे पंजाब & हरियाणा हाईकोर्ट तक जा पहुंचा है। पिछले 24 घंटों से अधिक समय से गमाडा दफ्तर की लाइटें बंद कर और अंदर अफसरों के मोबाइल फोन जब्त कर गहन पूछताछ की जा रही है। इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के चलते राज्य के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
100 करोड़ से अधिक के घोटाले का शक:
22 सितंबर से शुरू हुई ED की यह कार्रवाई 24 सितंबर को भी लगातार जारी है। सौ से ज्यादा अफसरों की टीम ने मोहाली स्थित गमाडा दफ्तर की तीन मंजिलों को पूरी तरह सील कर दिया है। पिछले पांच वर्षों में बांटी गई जमीनों का लेखा-जोखा, कंप्यूटर और हार्ड ड्राइव खंगाले जा रहे हैं। जांच का मुख्य केंद्र वह मामला है जिसमें नियमों को ताक पर रखकर गमाडा की बहुमूल्य जमीनें चुनिंदा कंपनियों को आवंटित की गईं, जिससे सरकारी खजाने को भारी चपत लगने की आशंका है।
आधी रात को हाईकोर्ट में अर्जी और विशेष अफसर की तैनाती:
मामला तब और गरमा गया जब गमाडा दफ्तर के अंदर अधिकारियों को रोके जाने और पूछताछ के विरोध में खुद पंजाब सरकार आधी रात को पंजाब & हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच गई। सरकार की ओर से अर्जी दाखिल कर आरोप लगाया गया कि ED ने उनके बड़े अधिकारियों को गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाकर रखा हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए हाईकोर्ट ने रात 10:42 बजे सुनवाई की और तुरंत जांच के लिए एक विशेष अफसर को मौके पर भेजा। उस विशेष अफसर ने रात ढाई बजे गमाडा दफ्तर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया, जिस पर आज दोपहर अदालत में रिपोर्ट पेश की जानी है।
सड़कों पर राजनीतिक घमासान और बयानबाजी तेज:
गमाडा दफ्तर के बाहर भारी सुरक्षा बल तैनात कर बैरिकेडिंग कर दी गई है, क्योंकि वहां राजनीतिक दलों और समर्थकों का जमावड़ा शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और नेता इसे केंद्र सरकार की राजनीतिक साजिश करार दे रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, विपक्षी दल कांग्रेस और बीजेपी ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार अपने भ्रष्टाचार को छिपाने और भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है। अब सबकी निगाहें हाईकोर्ट में पेश होने वाली रिपोर्ट और ED की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।












