डीप डिप्रेशन’ का खतरा: भारी बारिश के चलते पुरी ‘रेड जोन’ घोषित, समुद्र में नहाने पर सख्त पाबंदी; तमिलनाडु में भी मछुआरों को रोका गया
बंगाल की खाड़ी में बने खतरनाक ‘डीप डिप्रेशन’ (गहरे कम दबाव के क्षेत्र) के कारण ओडिशा के प्रसिद्ध तटीय शहर पुरी को अगले दो दिनों के लिए ‘रेड जोन’ अलर्ट पर रख दिया गया है। खराब मौसम और समुद्री हालात के विकराल रूप धारण करने की आशंका के चलते जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। समुद्र तट पर खतरे के लाल झंडे लगा दिए गए हैं और पर्यटकों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं।
ओडिशा फायर सर्विस के असिस्टेंट स्टेशन ऑफिसर अनंत प्रसाद बिस्वाल ने मौजूदा हालात की गंभीरता को बयां करते हुए चेतावनी दी है:
“मौजूदा हालात, खासकर ‘डीप डिप्रेशन’ को देखते हुए पुरी को ‘रेड जोन’ घोषित किया गया है, जो स्थिति अगले दो दिनों तक बनी रहेगी। आज हालात खतरनाक हैं और कल इनके और बिगड़ने की आशंका है। समुद्र में ऊंची लहरें उठ रही हैं और पानी बेहद अशांत है, ऐसे में किसी भी पल कुछ भी अनहोनी हो सकती है।”
समुद्र में उतरने पर पूरी तरह रोक
बढ़ते खतरे को भांपते हुए जिला प्रशासन ने समुद्र में नहाने या उतरने पर आधिकारिक तौर पर सख्त पाबंदी लगा दी है। सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजामों की जानकारी देते हुए अधिकारी बिस्वाल ने बताया कि ओडिशा फायर सर्विस के 98 प्रशिक्षित लाइफगार्ड तट पर तैनात किए गए हैं। प्रशासन द्वारा लाइफगार्ड्स को ATV बाइक्स, मेगाफोन और अन्य जरूरी उपकरण मुहैया कराए गए हैं। लाउडस्पीकर के जरिए लगातार पर्यटकों और आम जनता को यह चेतावनी दी जा रही है कि वे अगले दो दिनों तक पानी के पास न जाएं।
कलेक्टर के सख्त निर्देशों के बाद पुरी तट पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पर्यटक समुद्र में न उतरे। किसी भी संभावित आपात स्थिति और डूबने की घटनाओं को टालने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही, मछली पकड़ने गए सभी मछुआरे सुरक्षित तट पर लौट आए हैं और मत्स्य विभाग ने उन्हें अपनी नावें, जाल और मशीनें पूरी तरह सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।
तमिलनाडु के थूथुकुडी में भी असर
ओडिशा के अलावा, मौसम की चेतावनी का असर देश के दूसरे तटीय राज्यों में भी देखने को मिल रहा है। तमिलनाडु के थूथुकुडी में भी खराब मौसम और तेज हवाओं के चलते मशीनीकृत नावों वाले मछुआरों ने लगातार तीसरे दिन समुद्र में जाने से परहेज किया है। बंगाल की खाड़ी में तेज हवाओं की चेतावनी और मौजूदा हालात को देखते हुए उन्हें समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है, जिसके चलते मछुआरों ने अपनी नावें तट पर ही सुरक्षित रोक रखी हैं।











