अखिल भारतीय सफाई यूनियन का प्रदर्शन: समय पर वेतन न मिलने पर पठानकोट में कॉरपोरेशन ऑफिस के बाहर हड़ताल
पठानकोट:अखिल भारतीय सफाई यूनियन के बैनर तले सफाई कर्मचारियों, सीवरमैनों और ड्राइवरों ने कॉरपोरेशन ऑफिस के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। इस प्रदर्शन में पुरुष और महिलाएं दोनों भारी संख्या में शामिल हुए हैं। कर्मचारियों का मुख्य रोष यह है कि महीने की 23 तारीख बीत जाने के बावजूद अभी तक सफाई सेवकों को उनका वेतन (सैलरी) जारी नहीं किया गया है।
प्रमुख बिंदु एवं मुख्य मांगें:
- वेतन न मिलने से आर्थिक संकट: यूनियन का कहना है कि 20 तारीख तक अगला महीना चढ़ जाता है, लेकिन समय पर वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के लिए अपने परिवारों का पालन-पोषण करना और बच्चों का खर्च उठाना असंभव हो गया है।
- घोषणाओं का धरातल पर न उतरना: कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कैबिनेट मंत्री हरजोत बैंस द्वारा सफाई सेवकों का वेतन बढ़ाकर 20,500 रुपये करने की घोषणा और पत्र जारी किया गया था, लेकिन वह केवल कागजों तक ही सीमित रह गया और आज तक लागू नहीं हुआ।
- कोरोना काल की सेवाएं भूली सरकार: यूनियन ने याद दिलाया कि कोरोना महामारी के दौरान जिन कर्मचारियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना पूरे देश और पंजाब को स्वच्छ रखा, आज उन्हीं सफाई सैनिकों व उनके परिवारों के अधिकारों का हनन किया जा रहा है।
- 2027 चुनावों की चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय पर वेतन देने और कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की मांग पूरी नहीं की, तो आने वाले 2027 के चुनावों में तमाम कर्मचारी और मुलाजिम सरकार का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।
यूनियन ने पंजाब सरकार से मांग की है कि गरीबों और सफाई सेवकों के सब्र की परीक्षा न ली जाए और उन्हें हर महीने समय पर वेतन दिया जाए।











