पठानकोट कैंट (चक्की बैंक) रेलवे स्टेशन के पास बदहाली और विकास कार्यों की अनदेखी
पठानकोट: पंजाब के प्रमुख और ऐतिहासिक पर्यटन केंद्र माने जाने वाले पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन (चक्की बैंक) के आसपास के क्षेत्रों में नगर प्रशासन की घोर लापरवाही और उदासीनता देखने को मिल रही है। विकास के बड़े-बड़े दावों के बीच यह क्षेत्र आज बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है।
मुख्य बिंदु:
- पर्यटकों में निराशा: पठानकोट को एक खूबसूरत और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर माना जाता है, जहां देश-विदेश से पर्यटक आते हैं। लेकिन चक्की बैंक स्टेशन के पास चौराहों और सड़कों पर फैले कचरे, पानी के भराव और गंदगी को देखकर पर्यटक निराश होकर लौटने को मजबूर हैं।
- जलभराव और बदतर हालात: स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों (जैसे राकेश कुमार, बलदेव सिंह और अजय कुमार) का कहना है कि स्टेशन के पास पानी की निकासी का कोई उचित प्रबंध नहीं है। बरसात या सामान्य दिनों में भी सड़कों और चौराहों पर पानी और गंदगी के ढेर लग जाते हैं।
- प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की चुप्पी: स्थानीय लोगों ने रोष प्रकट करते हुए कहा कि चुनावों के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई विकास कार्य नहीं होता। नगर निगम और संबंधित विभाग इस क्षेत्र की सुध लेने को तैयार नहीं हैं।
- शर्मनाक स्थिति: बाहर से आने वाले पर्यटकों और विदेशी नागरिकों के सामने शहर की ऐसी छवि जाना बेहद शर्मनाक है, क्योंकि वे अक्सर यहाँ की बदहाली के वीडियो बनाकर ले जाते हैं।
जनता की पुकार: स्थानीय लोगों और दुकानदारों ने प्रशासन और सरकार से पुरजोर मांग की है कि चुनाव से पहले कम से कम इस प्रमुख रेलवे स्टेशन और इसके आसपास के क्षेत्र की दशा सुधारी जाए, ताकि पठानकोट की गरिमा और सुंदरता बरकरार रह सके।











