कैम्पबेल रोड पर समस्याओं का अंबार: एक तरफ टूटा रास्ता, तो दूसरी तरफ गंदगी के ढेर
- सड़क की बदहाली: कैम्पबेल रोड की स्थिति पिछले 8-10 वर्षों से बेहद खराब है, जिससे वाहन चालकों को अक्सर दुर्घटनाओं और चोटों का सामना करना पड़ता है।
- कूड़े के ढेर और बदबू: सड़क किनारे और ढालों पर फैले कचरे व सड़े-गले फलों के कारण उठने वाली दुर्गंध से स्थानीय दुकानदारों और ग्राहकों का जीना मुहाल हो गया है।
- प्रशासनिक उदासीनता: स्थानीय लोगों और दुकानदारों द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
ग्राउंड रिपोर्ट:
आज हम किसी एक खबर के लिए नहीं, बल्कि एक ही सड़क की दो गंभीर समस्याओं के साथ कैम्पबेल रोड पर मौजूद हैं। यहाँ एक तरफ सड़क पर गहरे गड्ढे और जलभराव की समस्या है, तो दूसरी तरफ जगह-जगह लगा कूड़े का ढेर लोगों की दैनिक परेशानी का सबब बन चुका है।
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि यह सड़क पिछले कई सालों से टूटी हुई है, जिस पर आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर चोटिल होते रहते हैं। इसके अलावा, रात के समय रेहड़ी वाले और अन्य लोग यहाँ बेरोकटोक कचरा फेंक जाते हैं, जिससे सुबह के वक्त उठने वाली सड़ांध और बदबू के कारण ग्राहकों का दुकानों तक पहुँचना मुश्किल हो गया है।
दुकानदारों की जुबानी, समस्याओं की दास्तान:
जब हमने क्षेत्र के एक स्थानीय दुकानदार से बातचीत की, तो उन्होंने अपनी पीड़ा साझा करते हुए कहा:
“रोड की कंडीशन बहुत ही खराब हो गई है। हमारी दुकान के पास इतना गंद पड़ा रहता है कि ग्राहकों का आना-जाना दूभर हो गया है। रोज़ाना कोई न कोई स्कूटर या मोटरसाइकिल चालक यहाँ स्लिप होता ही है। रात के समय रेहड़ी वाले सारा कचरा यहीं फेंक जाते हैं, लेकिन प्रशासन की तरफ से कोई सुध नहीं ली जा रही।”
एक अन्य दुकानदार ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा:
“हम प्रशासन से यही माँग करते हैं कि सड़क और कूड़े की समस्या का समाधान एक साथ किया जाए। सड़क बहुत डाउन है जहाँ बारिश का पानी इकट्ठा हो जाता है और निकासी की कोई जगह नहीं है। कूड़े के डंप भी हटाए जाएँ ताकि ग्राहकों और दुकानदारों को राहत मिल सके।”
निष्कर्ष:
एक तरफ जानलेवा गड्ढों से भरी सड़क और दूसरी तरफ कूड़े के ढेरों से जूझते इस इलाके के लोगों का सवाल साफ है—आखिर इन दोनों समस्याओं से निजात कब मिलेगी?
संबंधित विभागों को इस ओर जल्द से जल्द संज्ञान लेकर सड़क की मरम्मत और कचरे की उचित निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि स्थानीय कारोबारियों और राहगीरों को राहत मिल सके।












