सफाई के तमाम दावों के बावजूद पठानकोट की गलियों में क्यों लग रहे हैं कूड़े के ढेर?
पठानकोट शहर में प्रशासन द्वारा साफ-सफाई को लेकर भले ही तमाम दावे किए जाते हों और कर्मचारियों को तैनात किया गया हो, लेकिन शहर के विभिन्न हिस्सों में आज भी कूड़े के बड़े-बड़े ढेर देखे जा सकते हैं। इस गंभीर समस्या और नगर निगम की तैयारियों को लेकर हमारे संवाददाता ने पठानकोट नगर निगम के सीएसओ (CSO) विक्रम जी से विशेष बातचीत की।
विभाग द्वारा सफाई का पूरा ध्यान रखने के बावजूद शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर क्यों नजर आ रहे हैं?
(विक्रम जी, CSO): मैडम, कूड़ा तो रोजाना पैदा होने वाली चीज है, जो हर किचन में हर रोज निकलता है। हमने हर वार्ड में तीन-तीन रिक्शे, ऑटो और ट्रॉलियां लगा रखी हैं। लेकिन समस्या तब आती है जब लोग कूड़े वाले के आने के समय पर कूड़ा नहीं देते। कुछ लोग सुबह 10 या 11 बजे के बाद खाली प्लॉटों या खुले चौकों (जैसे तूड़ी वाला चौक) में कूड़ा फेंक देते हैं, जिससे यह समस्या पैदा होती है।
: खाली प्लॉटों और तूड़ी वाला चौक जैसे इलाकों में सफाई के तुरंत बाद फिर से गंदगी क्यों फैल जाती है?
: बड़े-बड़े शहरों में 10-15 सेकेंडरी पॉइंट होते हैं, जबकि हमारे पठानकोट में केवल एक ही सेकेंडरी पॉइंट (तूड़ी वाला चौक) है। वहां सारे रिक्शे वाले और ऑटो वाले कूड़ा लाकर फेंकते हैं। हम वहां से रोज जेसीबी और ट्रैक्टरों की मदद से कूड़ा उठाकर डंपिंग यार्ड (जो शहर से काफी दूर है) भेजते हैं। इसके अलावा, हाल ही में पंप खराब होने के कारण तेल की सप्लाई में दिक्कत आई थी, जिस वजह से कुछ दिनों में कूड़ा थोड़ा ज्यादा हो गया था, जिसे अगले 10-15 दिनों में पूरी तरह ठीक करवा दिया जाएगा।
एपीके रोड और सड़कों के किनारे दुकानों के बाहर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, इस पर क्या कार्रवाई हो रही है?
एपीके रोड पर समस्या यह है कि कुछ दुकानें सुबह 10 बजे खुलती हैं और कुछ 11 बजे। दुकानदार अपनी दुकान का झाड़ू लगाकर कचरा बाहर ही छोड़ देते हैं, जबकि हमारे सफाई सेवक सुबह 6 से 10 बजे तक पूरा इलाका साफ कर देते हैं। दुकानदारों से अपील की गई है कि वे अपना कूड़ा डस्टबीन या कचरा उठाने वाली गाड़ियों में ही डालें। यदि वे ऐसा नहीं करेंगे, तो समय-समय पर चालान काटे जाएंगे। पॉलीथिन का इस्तेमाल करने वालों पर भी अगले एक-दो दिन में सख्त जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
खड्डी पुल और एब्रो नगर साइड पर भी कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, इस पर निगम क्या कर रहा है
: इन इलाकों में जो लोग बाहर से शहर में प्रवेश करते हैं, वे अक्सर आते वक्त लिफाफे या कचरा खड्डी के पास फेंक देते हैं। हमने वहां मोटिवेटर तैनात किए हैं और पिछले दिनों कुछ चालान भी काटे हैं। हम वहां और भी सख्ती बढ़ा रहे हैं ताकि इन जगहों को पूरी तरह साफ रखा जा सके।
नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए अमला पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है, लेकिन नागरिकों का सहयोग इसके बिना अधूरा है। सीएसओ विक्रम जी ने शहरवासियों से अपील की है कि वे सड़कों या खाली प्लॉटों पर कूड़ा न फेंका करें, अपने घरों में थैलों का इस्तेमाल करें, और कूड़ा केवल निर्धारित कचरा गाड़ियों या डस्टबीन में ही डालें ताकि हमारे पठानकोट को स्वच्छ और सुंदर बनाया जा सके।












