पठानकोट के वार्ड नंबर 31 और 32 में बदहाली: टूटी सड़कें और सीवर ओवरफ्लो से जनता परेशान, आखिर कब जागेगा प्रशासन?
पठानकोट:
शहर के वार्ड नंबर 31 और 32 में विकास के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का जीना दूभर हो गया है क्योंकि यहां की सड़कें पूरी तरह से टूट चुकी हैं और सीवर का गंदा पानी गलियों में बह रहा है। स्थिति इतनी दयनीय है कि लोगों को पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
समस्याएं और स्थानीय लोगों का दर्द:
- टूटी सड़कें और जलभराव: वार्ड की सड़कें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, जिनमें बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। सीवर का पानी सड़कों पर जमा होने से हर समय बदबू फैली रहती है।
- बीमारियों का खतरा: गंदा पानी इकट्ठा होने से मलेरिया, पीलिया और अन्य गंभीर बीमारियां फैलने का अंदेशा बना हुआ है।
- हादसों का शिकार हो रहे लोग: आए दिन वाहन चालक और पैदल चलने वाले लोग, खासकर महिलाएं और बच्चे, इन गड्ढों और फिसलन के कारण चोटिल हो रहे हैं। कई वाहन चालकों के वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।
- मंदिर के पास बदतर हालात: स्थानीय निवासियों के अनुसार, यहां मंदिर के बाहर भी भारी गंदगी और जलभराव है, जिससे धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन की उदासीनता:
स्थानीय निवासी मुल्कराज गुलेरिया और अन्य लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से इसकी शिकायत की है। कुछ समय के लिए सीवर साफ करवा दिया जाता है, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। लोगों का सवाल है कि आखिर प्रशासन कब जागेगा और इन बदहाल गलियों की सुध कब ली जाएगी?











