पठानकोट में प्रेगाबेलिन दवा के खुले इस्तेमाल और बिक्री पर सख्ती, बिना डॉक्टर पर्ची के देने पर पाबंदी
पठानकोट:जिले में प्रेगाबेलिन (Pregabalin) दवा के लगातार बढ़ रहे दुरुपयोग और इसकी लत को रोकने के लिए प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट डॉ. पल्लवी (IAS) ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत नए आदेश जारी किए हैं, जो 8 सितंबर 2026 से 7 नवंबर 2026 तक पूरे जिले में प्रभावी रहेंगे।
प्रशासन के संज्ञान में आया था कि 150 मिलीग्राम और 300 मिलीग्राम के प्रेगाबेलिन कैप्सूल व टैबलेट का धड़ल्ले से गलत इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी इसकी गिरफ्त में आ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए 75 मिलीग्राम से अधिक मात्रा वाली प्रेगाबेलिन दवाओं के स्टोरेज और खुले तौर पर बिक्री पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रमुख निर्देश और नियम:
- डॉक्टर की पर्ची अनिवार्य: कोई भी होलसेलर, रिटेलर, केमिस्ट, मेडिकल स्टोर संचालक या अस्पताल के भीतर स्थित फार्मेसी बिना डॉक्टर के ओरिजिनल प्रिस्क्रिप्शन के 75 मिलीग्राम तक की प्रेगाबेलिन दवा भी नहीं बेच सकेगी।
- रिकॉर्ड रखना जरूरी: दवा विक्रेताओं को इसकी खरीद और बिक्री का पूरा तथा सटीक रिकॉर्ड मेंटेन करना होगा।
- मात्रा की सीमा: दुकानदारों को निर्देश दिए गए हैं कि दवा देने से पहले डॉक्टर की पर्ची की अच्छी तरह जांच कर लें और यह सुनिश्चित करें कि मरीज को उतनी ही टैबलेट या कैप्सूल दी जाएं जितनी डॉक्टर ने लिखी हैं, उससे अधिक नहीं।
जिला प्रशासन ने सभी दवा विक्रेताओं और मेडिकल संचालकों को इन आदेशों का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए हैं ताकि इस दवा के जरिए फैल रहे नशे के दुष्प्रभावों पर लगाम लगाई जा सके।











