रामगोपाल मंदिर की भूमि पर अवैध खनन का काला खेल: प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल

इंदौर विधानसभा क्षेत्र के डमटाल स्थित रामगोपाल मंदिर की भूमि पर मानसून के दौरान अवैध खनन का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
भारी बारिश और प्रशासन के प्रतिबंधों के बावजूद, क्षेत्र में धड़ल्ले से ट्रैक्टर और जेसीबी मशीनों से अवैध खनन किया जा रहा है, जिससे कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
अवैध खनन के मुख्य बिंदु:
- प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल: मानसून के दौरान हिमाचल प्रदेश में खनन पर पूर्ण प्रतिबंध के सरकारी दावों के बावजूद यह अवैध गतिविधियां कैसे जारी हैं, इसका जवाब स्थानीय प्रशासन नहीं दे पा रहा है।
- मिलीभगत की आशंका: मंदिर की भूमि से बड़े पैमाने पर खनिज निकाले जाने के पीछे सफेदपोश और रसूखदार लोगों के हाथ होने की आशंका जताई जा रही है, जिन्हें कथित तौर पर संरक्षण प्राप्त है।
- जनता की मांग: स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्ध जनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इसमें भूमि के रिकॉर्ड, निकाले गए खनिज की मात्रा और उसमें संलिप्त वाहनों की गहन जांच शामिल है।
- त्वरित कार्रवाई की जरूरत: नियमों का उल्लंघन करने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और मंदिर की भूमि को खोखला करने वालों बेनकाब करने की पुरजोर मांग की जा रही है।
आगे की पड़ताल:
हमारी ग्राउंड जीरो टीम इस मामले की हर एक परत को खंगालने में जुटी है। बहुत जल्द हम इस अवैध खनन से जुड़े सबूतों, घोटालों और इसमें शामिल चेहरों को बेनकाब करते हुए एक विस्तृत ग्राउंड रिपोर्ट आपके सामने प्रस्तुत करेंगे।
क्या आपको लगता है कि प्रशासन की मिलीभगत के बिना इस स्तर का अवैध खनन संभव है?











