स्टार्टअप के नाम पर इसरो की भूमिका सीमित कर रही है मोदी सरकार: कांग्रेस
कांग्रेस ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि स्टार्टअप को बढ़ावा देने की आड़ में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की भूमिका को जानबूझकर सीमित किया जा रहा है। पार्टी ने दावा किया है कि इसरो द्वारा दशकों की कड़ी मेहनत से विकसित की गई क्षमताओं को ऐसी निजी कंपनियों को सौंपा जा रहा है, जिनकी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता पर संदेह है।
जयराम रमेश का बयान और मीडिया रिपोर्ट
कांग्रेस महासचिव और संचार प्रभारी जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक मीडिया रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए यह तीखा हमला बोला। इस रिपोर्ट के अनुसार, इसरो के प्रमुख कर्मचारी संगठनों ने इसरो प्रमुख वी. नारायणन को पत्र लिखकर संगठन के निजीकरण की दिशा, इसके मौजूदा कर्मचारियों के हितों और भविष्य की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
विरासत से खिलवाड़ का आरोप
रमेश ने कहा कि साराभाई और धवन द्वारा खड़ी की गई इस शानदार विरासत को व्यवस्थित रूप से खत्म किया जा रहा है। उन्होंने इसरो के एक पूर्व अध्यक्ष (संभवतः जी. माधवन नायर) द्वारा जताई गई चिंताओं का जिक्र करते हुए कहा कि अन्य लोगों को भी अपनी बात रखने का साहस दिखाना चाहिए और चुप नहीं रहना चाहिए।
सफल प्रक्षेपण पर सराहना और चिंता
कांग्रेस ने हाल ही में भू-तुल्यकालिक कक्षा में देश के पहले ‘इमेजिंग’ उपग्रह के सफल प्रक्षेपण के लिए इसरो की सराहना की है। पार्टी का मानना है कि यह सफलता इसरो के वैज्ञानिकों का मनोबल बढ़ाने वाली है, खासकर ऐसे समय में जब एजेंसी को विभिन्न स्तरों पर आलोचनाओं और बदलावों का सामना करना पड़ रहा है। विपक्षी दल ने पूर्व में भी यह आशंका जताई थी कि मोदी सरकार के फैसलों से भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी का मूल चरित्र ही बदल जाएगा।











