स्वाइन फ्लू का खतरा: पीजीआई में इस साल आए 170 पॉजिटिव केस, आधे मामले सिर्फ सितंबर में दर्ज
मौसम में बदलाव के साथ ही स्वाइन फ्लू (H1N1) और इन्फ्लुएंजा ने रफ्तार पकड़ ली है। पीजीआई (PGI) में इस साल अब तक इन्फ्लुएंजा के 170 मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं, जिनमें से करीब 50 फीसदी मामले अकेले सितंबर के महीने में सामने आए हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और पीजीआई प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है।
स्टेट्स:
- कुल पॉजिटिव मरीज: 170
- पंजाब: 68 केस (सबसे ज्यादा)
- हरियाणा: 34 केस
- चंडीगढ़: 28 केस
- हिमाचल प्रदेश: 20 केस
- उत्तर प्रदेश: 10 केस
- जेंडर/आयु: 83 पुरुष, 87 महिलाएं और 36 बच्चे शामिल।
मुख्य लक्षण:
महामारी विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. (प्रो.) पी.वी.एम. लक्ष्मी के मुताबिक, शुरुआत सामान्य वायरल जैसी होती है लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है। इन लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें:
- 101 डिग्री फारेनहाइट या इससे ज्यादा तेज बुखार
- लगातार खांसी और गले में खराश या दर्द
- शरीर और सिर में असहनीय दर्द
- अत्यधिक थकान और कमजोरी
- सांस लेने में तकलीफ या सांस फूलना
किनके लिए खतरा ज्यादा:
बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से ही दिल या फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है।
बचाव और अपील:
- भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें और मास्क का इस्तेमाल करें।
- साबुन से बार-बार हाथ धोएं।
- खांसते या छींकते वक्त मुंह और नाक को ढकें।
- बुखार होने पर तुरंत आइसोलेशन अपनाएं और दूसरों से दूरी रखें।
- खुद से न लें दवा: पीजीआई के डॉक्टरों ने साफ कहा है कि बुखार या सांस की परेशानी होने पर मेडिकल स्टोर से खुद जाकर एंटीबायोटिक या दवाएं न लें, बल्कि तुरंत डॉक्टर से परामर्श कर जांच कराएं। समय पर इलाज मिलने से रिकवरी बेहद तेज और सुरक्षित होती है।











