पठानकोट में सुधार ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, करोड़ों खर्च के बावजूद सैली रोड के बाशिंदे झेल रहे समस्याएं
पठानकोट:शहर के पॉश इलाकों में शुमार सैली रोड पर विकास कार्यों के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद स्थानीय लोगों को बुनियादी समस्याओं से राहत नहीं मिल पा रही है। पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र में सड़कों के निर्माण, टाइलें लगाने और नए पौधे रोपने के नाम पर भारी-भरकम बजट खर्च किया गया है, लेकिन हकीकत दावों के बिल्कुल उलट है।
सीवर समस्या और टूटी सड़कों से लोग परेशान
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में करोड़ों रुपये खर्च करने से पहले सीवर व्यवस्था को दुरुस्त करने की ओर कोई ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह है कि सैली रोड पर सीवर ओवरफ्लो की समस्या आज भी गंभीर बनी हुई है। आलम यह है कि पहले से बनी पक्की सड़कों पर दोबारा नई सड़कें बना दी गईं, लेकिन जल निकासी और सीवर की पुरानी और विकराल समस्या जस की तस है। डिवाइडरों पर लगी लाइटें भी अधिकतर खराब पड़ी हैं, जिससे रात के समय राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
नालों पर अवैध कब्जे और प्रशासनिक उदासीनता
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सुधार ट्रस्ट द्वारा विकास कार्यों में बरती जा रही अनियमितताओं के कारण जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है। लोगों ने मांग की है कि कागजी विकास कार्यों की बजाय धरातल पर समस्याओं का समाधान किया जाए। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और सुधार ट्रस्ट के अधिकारियों से मांग की है कि वे क्षेत्र के नालों की सफाई करवाएं, सीवर व्यवस्था को तुरंत सुचारू करें तथा नालों पर किए गए अवैध कब्जों व पक्के निर्माणों को अविलंब हटाया जाए ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।












