“कभी लक्ष्मण, कभी नमन… बेड़ियां क्रशर यूनियन की प्रधानगी बनी ‘म्यूजिकल चेयर’!”
पठानकोट:
माधोपुर बेहड़िया क्रशर यूनियन की प्रधानगी को लेकर चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले कुछ दिनों से यूनियन में चल रहे बदलावों को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि यह कोई गंभीर संगठनात्मक प्रक्रिया न होकर बच्चों का ‘म्यूजिकल चेयर’ खेल बन गया है। कभी पूर्व प्रधान लक्ष्मण नैय्यर को हटाए जाने की खबर आती है, तो कभी उनके दोबारा कुर्सी पर लौटने की चर्चा होती है। अब इस मामले में नया मोड़ आया है और नमन शर्मा को यूनियन का नया प्रधान नियुक्त किया गया है।
क्या है पूरा मामला?
इस कुर्सी के खेल पर नए प्रधान नमन शर्मा ने स्पष्ट किया कि कुछ हफ्ते पहले सभी क्रशर मालिकों की आपसी सहमति और दस्तखतों के बाद उन्हें प्रधान चुना गया था। लेकिन इसके बाद कुछ लोगों ने अलग से बैठक कर पूर्व प्रधान लक्ष्मण नैय्यर को दोबारा प्रधान घोषित कर दिया, जिससे असमंजस की स्थिति पैदा हो गई। नमन शर्मा का कहना है कि यूनियन के पद स्थायी नहीं होते और समय-समय पर बदलाव होते रहते हैं। उनका मुख्य उद्देश्य सरकार और प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल बिठाकर कच्चे माल की कानूनी सप्लाई को सुचारू रूप से चलाना है।
कच्चे माल की सप्लाई और चुनौतियां

बेहड़िया क्षेत्र में लंबे समय से लीगल सोर्स की कमी एक बड़ी समस्या बनी हुई है। इस पर बात करते हुए नमन शर्मा ने बताया कि अब सिधौड़ी डैम से पर्ची के जरिए लीगल मटेरियल आना शुरू हो गया है। हालांकि, यूनियन का यह भी मानना है कि क्षेत्र में मटेरियल की कोई कमी नहीं है, बल्कि कानूनी स्रोतों के अभाव के कारण कारोबारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
यूनियन के इस अंदरूनी ड्रामे और नेतृत्व परिवर्तन के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि नए प्रधान नमन शर्मा क्रशर कारोबारियों की समस्याओं और कानूनी सप्लाई के मुद्दों को किस प्रकार सुलझा पाते हैं।










