ढाकी फाटक और सिंबल चौक पर टूटे पड़े रेलवे सुरक्षा बैरियर्स, दे रहे हादसों को न्योता
सुरक्षा की अनदेखी, खतरे में राहगीर
पठानकोट से हिमाचल की ओर जाने वाले या फिर ढाकी फाटक के आसपास से गुजरने वाले राहगीरों के लिए सड़क किनारे लगे सुरक्षा बैरियर्स अब सुरक्षा देने के बजाय खुद हादसों को न्योता दे रहे हैं। ये बैरियर्स जगह-जगह से टूट चुके हैं और इनकी हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। हालात इतने खराब हैं कि यहां से गुजरते समय चाहे टू-व्हीलर्स हों या फोर-व्हीलर्स, हर गाड़ी अनियंत्रित होकर डगमगाने लगती है।
जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते विभाग
कुछ वक्त पहले ढाकी फाटक के दो बैरियर्स की मरम्मत कर दी गई थी, लेकिन रेलवे की जमीन पर बने इन टूटे बैरियर्स को उनके हाल पर ही छोड़ दिया गया। इस मामले पर जब हमने पठानकोट में तैनात रेलवे अधिकारी जागृति कुमार से बात की, तो उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी (PWD) को काम के लिए नोटिस भेज दिया गया है। साथ ही उनका कहना है कि रेलवे ने पीडब्ल्यूडी को इन बैरियर्स की मेंटेनेंस और रिपेयर के लिए पत्र भेज दिया है।
दूसरी ओर, जब पठानकोट-कुल्लू मार्ग स्थित सिंबल चौक के बैरियर्स की बदहाली को लेकर नगरोटा में बैठे संबंधित अधिकारी प्रवीण कुमार से बात की गई, तो उनका भी यही कहना था कि मामला संज्ञान में है और इस पर जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम और रेलवे विभाग में ठन तानी
कहानी में असली मोड़ तब आता है जब बात नगर निगम की जिम्मेदारी पर आती है। जब भी इस बारे में नगर निगम से सवाल किया जाता है, तो वे सीधे हाथ खड़े कर देते हैं और कहते हैं कि यह काम रेलवे विभाग का है। वहीं दूसरी तरफ, रेलवे विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अगर कॉरपोरेशन चाहे तो जनता की सुविधा के लिए खुद भी इसे ठीक करवा सकती है। बड़े-बड़े वादों के बीच हकीकत सिर्फ इतनी है कि दो विभागों के बीच फंसे इन बैरियर्स की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
अधिकारियों के बयान
प्रवीण कुमार (रेलवे अधिकारी): “मामला हमारे संज्ञान में है। रेलवे ट्रैक के पोर्शन को छोड़कर अगर कॉरपोरेशन या अन्य विभाग चाहे तो अपनी तरफ से जनता की सुविधा के लिए इनकी मरम्मत करवा सकते हैं, हम जल्द ही अपनी सीमा के भीतर इस पर आवश्यक कार्रवाई करेंगे।”












