विदेश जाने के बजाय गांव में बनाई सफलता की राह: संजय पठानिया ने शुरू किया मशरूम प्लांट, युवाओं के लिए बने प्रेरणास्रोत
विदेश जाने की होड़ के बीच हिमाचल प्रदेश के इंदौरा विधानसभा क्षेत्र से एक ऐसी प्रेरणादायक कहानी सामने आई है, जो युवाओं के लिए नजीर बन गई है। समून बलिर पंचायत के रहने वाले संजय पठानिया ने विदेश में नौकरी तलाशने के बजाय अपने ही गांव में मशरूम प्लांट स्थापित कर आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश की है।
पारंपरिक नौकरी के पीछे भागने की बजाय संजय ने स्वरोजगार की राह चुनी और आज वे अपने गांव में ही रहकर आर्थिक रूप से मजबूत बन चुके हैं। उनका यह मशरूम प्लांट न सिर्फ उनके खुद के रोजगार का जरिया बना है, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा का स्त्रोत बन रहा है।
संजय का मानना है कि आज की युवा पीढ़ी यदि विदेश की कठिन राह चुनने के बजाय अपनी माटी और मेहनत पर भरोसा करे, तो गांव में रहकर भी अच्छी आय और बेहतर भविष्य के साधन जुटाए जा सकते हैं। उनके इस सफल प्रयास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खुले हैं, जिसकी क्षेत्र में खासी सराहना हो रही है।
समून बलिर पंचायत की यह सफलता साबित करती है कि सही सोच, पक्का इरादा और कड़ी मेहनत से स्थानीय स्तर पर भी आत्मनिर्भर भारत की तर्ज पर सफलता की इबारत लिखी जा सकती है।












