रक्षा बंधन पर कर्तव्य की मिसाल: परिवार से दूर देश की हिफाजत में डटीं महिला सुरक्षाकर्मी और पुलिस बल
जहां पूरा देश हर्षोल्लास और अपने परिजनों के साथ रक्षा बंधन का पावन पर्व मना रहा था, वहीं सीमाओं की सुरक्षा और जनता की रक्षा के लिए हमारे वीर जवान मुस्तैद थे। अंतरराज्यीय नाकों पर तैनात पुलिसकर्मियों और RAF (Rapid Action Force) 108 की महिला अधिकारियों ने त्योहार की खुशियों से ऊपर अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी।
मुख्य बिंदु
- कर्तव्यनिष्ठा सर्वोपरि: घर-परिवार से कोसों दूर रहकर भी चेहरे पर मुस्कान और दिल में देश सेवा का जज्बा लिए इन महिला अधिकारियों ने साबित कर दिया कि जनता की सुरक्षा ही उनका सबसे बड़ा धर्म है।
- कड़ी धूप में भी डटे रहे जवान: त्योहार के दिन भी भीषण धूप और विपरीत परिस्थितियों में उनका यह समर्पण और अटूट कर्तव्य निष्ठा बेहद सराहनीय है।
- अनोखी मिसाल: एक तरफ जहां पूरा देश राखी के धागों में अपनों का प्यार बांध रहा था, वहीं दूसरी तरफ अंतरराज्यीय नाके पर पुलिस और RAF 108 की महिला अधिकारी सुरक्षा का कड़ा पहरा दे रही थीं।
डिवीजन नंबर 2, नाका चक्की बैंक के ASI लखवीर सिंह ने बातचीत के दौरान बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेशानुसार त्योहार के दिन भी मुस्तैदी से नाके पर पहरा दिया जा रहा है, ताकि इलाके में कोई अप्रिय घटना या असामाजिक गतिविधि न हो सके। परिवार से दूर रहने के सवाल पर उन्होंने कहा कि “परिवार की याद आना स्वाभाविक है, लेकिन देश और जनता की सुरक्षा हमारी पहली प्राथमिकता है।”
निष्कर्ष
अंतरराज्यीय नाकों पर तैनात पुलिस और सुरक्षा बलों का यह जज्बा और कर्तव्यनिष्ठा वाकई काबिल-ए-तारीफ है। इन रक्षकों की बदौलत ही पूरा देश चैन से अपने त्योहार मना पाता है।












