पंजाब में आम आदमी क्लीनिक के कर्मचारियों का प्रदर्शन: नौकरी सुरक्षा और मांगों को लेकर सिविल अस्पताल के बाहर धरना
पठानकोट:पंजाब सरकार के खिलाफ विभिन्न विभागों द्वारा आए दिन प्रदर्शन किए जाते रहे हैं, लेकिन अब आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। आम आदमी क्लीनिक के कर्मचारियों ने अपनी मांगों और नौकरी की सुरक्षा को लेकर पंजाब के हर जिले में सिविल सर्जन दफ्तरों के बाहर मोर्चा खोल दिया है। पठानकोट में भी सिविल अस्पताल के बाहर भारी संख्या में कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया।
मुख्य बिंदु:
- कर्मचारियों का प्रदर्शन: पठानकोट के सिविल अस्पताल में 32 आम आदमी क्लीनिक संचालित हैं, जिनमें लगभग 96 कर्मचारी (क्लीनिकल असिस्टेंट, फार्मेसी यूनियन और मेडिकल ऑफिसर) कार्यरत हैं। इन सभी ने मिलकर साझा फ्रंट के तौर पर कार्य बहिष्कार कर धरना दिया है।
- प्रमुख मांगें:
- नौकरी की सुरक्षा (Job Security): कर्मचारियों की सबसे बड़ी चिंता यह है कि भविष्य में सरकार बदलने पर उनकी नौकरियां सुरक्षित रहें, जैसा कि दिल्ली में देखने को मिला है।
- लिखित आश्वासन व अधिसूचना: 27 जुलाई को हुई बैठक में प्रशासन ने उनकी मांगों को जायज बताते हुए 15 दिन के भीतर पत्र जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी कोई अधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गई।
- चिकित्सा अवकाश (Medical Leave): कर्मचारियों के लिए पेड मेडिकल लीव और अन्य सेवा शर्तें स्पष्ट की जाएं।
- सरकार के प्रोजेक्ट की सराहना: प्रदर्शनकारी डॉक्टरों और कर्मचारियों का कहना है कि वे सरकार या इस प्रोजेक्ट के खिलाफ नहीं हैं। आम आदमी क्लीनिक गरीबों के लिए एक बेहतरीन योजना है जिसके तहत मुफ्त टेस्ट, दवाइयां और अल्ट्रासाउंड जैसी सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन वे अपनी आजीविका की सुरक्षा और अनिश्चितता को दूर करने के लिए संघर्ष करने पर मजबूर हैं।
धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और लिखित पत्र उनके हाथ में नहीं आता, तब तक उनका यह संघर्ष और विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।











