पठानकोट के बीएसएफ जवान सतीश कुमार का निधन, सैली रोड क्षेत्र में शोक की लहर; परिजनों ने लगाई न्याय और मदद की गुहार
पठानकोट: सैली रोड निवासी 24 वर्षीय बीएसएफ जवान सतीश कुमार का पश्चिम बंगाल में ड्यूटी के दौरान अचानक निधन हो गया। 176वीं बटालियन में तैनात सतीश का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके गृह नगर पहुंचने की खबर मिली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
सड़कों पर उमड़ा हुजूम
स्थानीय पार्षद (एमसी) विजय कुमार और सैली रोड के सैकड़ों मोहल्ला वासियों ने सड़कों पर एकत्र होकर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान “सतीश कुमार अमर रहे” के नारों से माहौल गमगीन हो गया।
संघर्ष से सफलता का सफर
मोहल्ला वासियों और परिजनों के अनुसार:
- सतीश ने कड़े संघर्ष, दिहाड़ी-मजदूरी और रेहड़ी लगाकर अपनी पढ़ाई पूरी की थी।
- लगभग 2 वर्ष पूर्व ही उनका चयन सीमा सुरक्षा बल (BSF) में हुआ था।
- परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है; उनके पिता रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
परिजनों की आपबीती
सतीश के परिवार में उनकी माता संतोष, बहनें और एक छोटा भाई है।
- माता सन्तोष व बहनें: उन्होंने रोते हुए बताया कि सोमवार शाम को सतीश से सामान्य बातचीत हुई थी। मंगलवार को अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली।
- मांग: परिजनों ने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य के जाने के बाद छोटे भाई को योग्यता के आधार पर सरकारी नौकरी व उचित आर्थिक सहायता दी जाए।
सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार की तैयारी
बीएसएफ 176 बटालियन के अधिकारी और जवान पार्थिव शरीर के साथ पहुंचे हैं। जवान को अंतिम सलामी (‘गार्ड ऑफ ऑनर’) देने के बाद सैन्य व राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।












