खटियाड़ में इंडेन गैस एजेंसी बड़ूखर की लचर व्यवस्था पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, जांच की मांग
कांगड़ा (हिमाचल प्रदेश):हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के उपमंडल फतेहपुर के तहत आते गांव खटियाड़ और आसपास के क्षेत्रों में इंडेन गैस एजेंसी बड़ूखर की अनियमित और अव्यवस्थित गैस वितरण प्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं का गुस्सा चरम पर पहुंच गया है। स्थानीय निवासियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों ने एजेंसी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
45 दिन की जगह 2 महीने का इंतजार
ग्रामीणों का आरोप है कि नियमानुसार 45 दिनों में मिलने वाली एलपीजी गैस आपूर्ति के लिए उन्हें 2 से 2.5 महीने तक इंतजार करना पड़ता है। इसके बावजूद भी समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाते।
देर रात तक सड़क किनारे इंतजार करने को मजबूर महिलाएं
मंगलवार को भी गैस वितरण वाली गाड़ी घंटों देरी से, लगभग रात 8 बजे खटियाड़ पहुंची। इसके चलते महिलाओं, बुजुर्गों और आम ग्रामीणों को दोपहर 2 बजे से लेकर रात 8 बजे तक सड़क किनारे भूखे-प्यासे खड़े रहकर इंतजार करना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि शाम के वक्त घर में खाना बनाने और खेती-किसानी के काम छोड़कर उन्हें घंटों तक गाड़ियों का इंतजार करना पड़ता है।
OTP के नाम पर मनमानी और बदसलूकी
उपभोक्ताओं ने डिलीवरी स्टाफ पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वितरण के दौरान पहले OTP ले लिया जाता है, लेकिन बाद में OTP न मिलने या सर्वर न होने का बहाना बनाकर सिलेंडर देने से मना कर दिया जाता है।
इसके अलावा, सिलेंडर का वजन (तौल) करके नहीं दिया जाता और न ही सुरक्षा मानकों का ध्यान रखा जाता है। स्थानीय निवासियों के विरोध करने या तौलने की बात कहने पर कर्मियों द्वारा बदसलूकी और तू-तू, मैं-मैं करने के मामले भी सामने आए हैं।
पूर्व प्रधान ने उठाए गंभीर सवाल
पूर्व प्रधान सुरजीत सिंह और अन्य स्थानीय लोगों ने एजेंसी प्रबंधन से मांग की है कि गैस गाड़ी को निर्धारित समय पर भेजा जाए। उन्होंने मांग की कि वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि गरीब ग्रामीणों व महिलाओं को इस तरह की भारी परेशानी का सामना न करना पड़े।











