अमेरिका-ईरान तनाव के बीच पूर्व सांसद का बड़ा दावा: क्या वाशिंगटन बना रहा है परमाणु हमले की योजना?
- पूर्व अमेरिकी सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीने का दावा—वाशिंगटन में ईरान पर परमाणु कार्रवाई की शर्तों में ढील देने की चर्चा।
- खाड़ी देशों और होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य तनाव गहराया, वैश्विक तेल-गैस सप्लाई प्रभावित।
- ईरानी सेना प्रमुख अमीर हातामी ने अमेरिकी सैनिकों को पकड़ने या मारने पर इनाम का ऐलान किया।
- व्हाइट हाउस ने आरोपों पर साधी चुप्पी, परमाणु नीति में बदलाव का कोई आधिकारिक सबूत नहीं।
वाशिंगटन / तेहरान:अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा सैन्य संघर्ष किसी निर्णायक मोड़ पर पहुंचता नज़र नहीं आ रहा है। दोनों तरफ से लगातार हो रहे हमलों के कारण पूरे मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं। इस तनाव का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, जिससे दुनिया भर में तेल और प्राकृतिक गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
इसी बीच, अमेरिका की पूर्व सांसद मार्जोरी टेलर ग्रीने के एक सनसनीखेज दावे ने वैश्विक राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। ग्रीने ने दावा किया है कि व्हाइट हाउस के शीर्ष अधिकारी ईरान के खिलाफ परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर किया बड़ा दावा
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की गई एक पोस्ट में मार्जोरी टेलर ग्रीने ने लिखा कि ट्रम्प प्रशासन के उच्च अधिकारियों के बीच ऐसी बैठकें हो रही हैं, जिनमें ईरान पर परमाणु कार्रवाई करने से जुड़ी शर्तों को लचीला बनाने पर मंथन जारी है।
हालांकि, ग्रीने ने अपने इस चौंकाने वाले दावे के समर्थन में कोई आधिकारिक दस्तावेज या सबूत पेश नहीं किया है। ग्रीने का कहना है कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान फिलहाल परमाणु हथियार बनाने के करीब नहीं है, लेकिन इसके बावजूद इज़राइल के दबाव और चेतावनियों के चलते वाशिंगटन बड़ा कदम उठाने के प्रभाव में आ रहा है। उन्होंने आगाह किया कि अगर ऐसा हुआ, तो यह स्थिति एक वैश्विक युद्ध का रूप ले सकती है।
ईरानी सेना का आक्रामक रुख
यह बयान ऐसे समय में आया है जब होर्मुज जलडमरूमध्य समेत रणनीतिक समुद्री मार्गों पर दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव चरम पर है। स्थिति को और गंभीर बनाते हुए ईरानी सेना के प्रमुख अमीर हातामी ने अमेरिकी सैनिकों को बंधक बनाने या मारने पर नकद इनाम तक का ऐलान कर दिया है।
क्या है सच्चाई?
व्हाइट हाउस और अमेरिकी रक्षा मंत्रालय की ओर से फिलहाल पूर्व सांसद के इस दावे पर कोई टिप्पणी नहीं आई है। इसके अलावा, अमेरिकी परमाणु नीति में किसी तात्कालिक बदलाव या परमाणु हमले की तैयारी का कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य भी सामने नहीं आया है।
फिर भी, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दावे में जरा सी भी सच्चाई होती है, तो यह कदम पूरी दुनिया को एक विनाशकारी युद्ध की ओर धकेल सकता है, जिससे करोड़ों लोगों का जीवन खतरे में पड़ जाएगा।











