स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बड़ा ऐलान; 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करेगा भारत
नई दिल्ली:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए ऐतिहासिक घोषणा की है। उन्होंने कहा कि भारत साल 2036 की ओलंपिक खेलों की मेजबानी करने के लिए एक मजबूत दावेदार के रूप में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही इस महाकुंभ के लिए देश के युवा एथलीटों की पहचान करने और उन्हें तैयार करने के लिए एक बड़ी देशव्यापी ‘टैलेंट हंट’ (प्रतिभा खोज) मुहिम शुरू करने का फैसला लिया गया है।
दो-तिहाई ओलंपिक इवेंट्स में गैर-मौजूदगी बनी चुनौती
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में भारतीय खेल क्षेत्र की एक प्रमुख चुनौती की ओर इशारा किया:
- मौजूदा स्थिति: ओलंपिक खेलों में लगभग 40 खेल और 325 से 350 के करीब इवेंट होते हैं। लेकिन भारत वर्तमान में इनमें से लगभग दो-तिहाई स्पर्धाओं में हिस्सा ही नहीं लेता या क्वालीफाई नहीं कर पाता।
- रणनीति: पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि 2036 के ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करना होगा।
- राष्ट्रमंडल खेल 2030: उन्होंने यह भी ऐलान किया कि भारत साल 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) की मेजबानी भी करने जा रहा है।
5 से 15 साल के बच्चों पर केंद्रित होगी योजना
ओलंपिक के सपने को धरातल पर उतारने के लिए कम उम्र में ही प्रतिभा पहचानने की रणनीति बनाई गई है:
- लक्षित आयु: गांवों, शहरों और स्कूलों में 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों (लड़के और लड़कियां) की खेल प्रतिभा की खोज की जाएगी।
- मूल्यांकन व प्रशिक्षण: चुने गए बच्चों की क्षमताओं का आकलन कर उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के योग्य बनाने के लिए उन्नत और विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
- मुख्य उद्देश्य: देश में एथलीटों की एक मजबूत पाइपलाइन तैयार करना, ताकि 2036 की ओलंपिक खेलों के लिए भारत की दावेदारी और खेल प्रदर्शन दोनों को मजबूती मिल सके।











