माधोपुर: जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा बदहाल, उठ रहे रखरखाव पर सवाल
माधोपुर / पठानकोट:माधोपुर में भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं महान राष्ट्रवादी नेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा और परिसर इन दिनों घोर उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। प्रतिमा के आसपास पसरी गंदगी और पार्क की खस्ताहाल स्थिति रखरखाव की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है।
सिर्फ राजनीतिक आयोजनों तक सीमित रह गए नेता
स्थानीय स्तर पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता समय-समय पर यहाँ पहुँचते हैं। जन्म जयंती, पुण्यतिथि या अन्य अवसरों पर यहाँ बैठकर बैठकें आयोजित की जाती हैं, श्रद्धांजलि दी जाती है, दीप-मालाएँ अर्पित होती हैं और तस्वीरें खिंचवाकर नेता चले जाते हैं। लेकिन कार्यक्रम समाप्त होते ही इस ऐतिहासिक और पवित्र स्थल की सुध लेने वाला कोई नहीं होता।
अस्तबल जैसी बनी पार्क की स्थिति
ताज़ा हालात यह हैं कि पार्क में चारों ओर बड़ी-बड़ी झाड़ियाँ, घास और कचरा फैला हुआ है। देख-रेख के अभाव में पार्क का मुख्य गेट 24 घंटे खुला रहता है, जिससे यहाँ बेसहारा पशु घूमते रहते हैं और यह स्थान एक तरह से अस्तबल का रूप ले चुका है।
प्रशासन और दलों पर उठे सवाल
सवाल अब स्थानीय प्रशासन के साथ-साथ उन तमाम राजनीतिक दलों से भी है जो समय-समय पर डॉ. मुखर्जी के नाम पर राजनीति तो करते हैं, लेकिन उनकी प्रतिमा और परिसर के मान-सम्मान की ज़िम्मेदारी से पल्ला झाड़ लेते हैं। जब यहाँ बड़े-बड़े आयोजन और बैठकें हो सकती हैं, तो इसके नियमित रखरखाव और सफाई की स्थायी ज़िम्मेदारी क्यों नहीं ली जा सकती?
अब देखना यह होगा कि इस बदहाली की खबर सामने आने के बाद प्रशासन और संबंधित दल कब तक जागते हैं और इस दिशा में क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।












