AMI News: पठानकोट के वार्ड नंबर 12 में मूलभूत सुविधाओं का अकाल, 3 महीने से बंद स्ट्रीट लाइटें और पानी की किल्लत से भड़के लोग
नगर निगम अधिकारियों पर फोन न उठाने का आरोप; राजनीतिक गुटबाजी के चलते वार्डवासी भुगत रहे खामियाजा
पठानकोट:नगर निगम पठानकोट के अंतर्गत आते बेदी वजरी कंपनी, वार्ड नंबर 12 के निवासी इन दिनों मूलभूत सुविधाओं के भारी अभाव से बेहाल हैं। क्षेत्र में पिछले तीन महीनों (चुनावों के समय) से स्ट्रीट लाइटें पूरी तरह बंद पड़ी हैं, वहीं पिछले कुछ दिनों से पीने के पानी और बिजली की भी विकराल समस्या बनी हुई है। विकास कार्य शून्य होने के साथ-साथ अब बुनियादी जरूरतों के लिए भी तरस रहे स्थानीय निवासियों में नगर निगम प्रशासन और जन प्रतिनिधियों के खिलाफ गहरा रोष व्याप्त है।
मामले की जानकारी देते हुए वार्ड निवासी सचिन कुमार ने बताया कि ट्यूबवेल ठप होने और बिजली आपूर्ति बाधित रहने के कारण क्षेत्र में कल से पीने का पानी तक नसीब नहीं हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्ट्रीट लाइटें ठीक कराने और पेयजल व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए नगर निगम के जेई (बेदी), एसडीओ पंकज और सेनेटरी इंस्पेक्टर विक्रम से कई बार संपर्क साधने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिकारी या तो फोन नहीं उठाते या बैठकों का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लेते हैं।
सचिन कुमार ने हलका इंचार्ज रोहित सियाल पर निशाना साधते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी में चल रही अंदरूनी धड़ेबाजी और राजनीतिक रंजिश का खामियाजा वार्ड नंबर 12 की जनता को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि आपसी गुटबाजी को किनारे रखकर कम से कम वार्ड के विकास और जनसमस्याओं पर ध्यान दिया जाना चाहिए।
वहीं स्थानीय बुजुर्ग महिला ने अपना दर्द बयान करते हुए कहा कि चुनावों के बाद से ही गलियों की लाइटें बंद हैं। रात के समय अंधेरा रहने के कारण गलियों में जहरीले कीड़े-मकोड़ों और सांपों का डर बना रहता है, जिससे हादसों का अंदेशा बना रहता है। ऊपर से दो-तीन दिनों से पीने का पानी न आने से घर के दैनिक कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं।
वार्डवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि नगर निगम प्रशासन ने जल्द ही पेयजल आपूर्ति बहाल नहीं की और बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को चालू नहीं करवाया, तो वे उग्र प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।













