हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल कविंद्र गुप्ता जी का बधानी स्थित पुंज हाउस आगमन, पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
बधानी / पठानकोट :क्षेत्र के लिए आज का दिन अत्यंत ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण रहा, जब हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता जी ने बधानी स्थित ‘पुंज हाउस’ में विशेष रूप से शिरकत की। उनके आगमन को लेकर क्षेत्रवासियों और पुंज परिवार में भारी उत्साह देखा गया।
भव्य स्वागत और पारंपरिक अभिनंदन
’पुंज हाउस’ पहुँचने पर अग्रणी शिक्षाविद एवं समाजसेवी इंजीनियर (Er.) एस. के. पुंज जी तथा उनके परिवार के सदस्यों ने माननीय राज्यपाल जी का भव्य और पारम्परिक शैली में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस दौरान उन्हें स्मृति चिह्न और पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता
हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री कविंद्र गुप्ता जी प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी विशेष संवेदनशीलता के लिए जाने जाते हैं। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने पर्यावरण संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
माननीय राज्यपाल जी ने श्री साई समूह द्वारा समाजहित और पर्यावरण सुधार की दिशा में किए जा रहे कार्यों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। विशेष रूप से समूह द्वारा चलाए गए वृहद वृक्षारोपण अभियान—जिसके तहत 1,000 से अधिक पौधे लगाए गए हैं—की सराहना करते हुए उन्होंने इसे अन्य संस्थानों के लिए भी एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।
रुद्राक्ष का पौधा रोपकर दिया हरित संदेश
अपने इस प्रेरणादायी और यादगार प्रवास के दौरान माननीय राज्यपाल जी ने पुंज हाउस परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपित किया। पौधा रोपण के पश्चात उन्होंने कहा कि वृक्ष केवल प्रकृति की सुंदरता नहीं बढ़ाते, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य की आधारशिला भी हैं। उन्होंने समाज के हर वर्ग से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनका पालन-पोषण करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम की प्रमुख झलकियाँ
- विशिष्ट उपस्थिति: कार्यक्रम में पुंज परिवार के सदस्यों के साथ-साथ क्षेत्र की कई प्रमुख गणमान्य हस्तियाँ, शिक्षाविद और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- सराहना: इंजीनियर एस. के. पुंज जी ने माननीय राज्यपाल का धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि उनका यह प्रवास पूरे श्री साई समूह और क्षेत्रवासियों के लिए ऊर्जा और प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
- समारोह का समापन: कार्यक्रम का समापन पर्यावरण सुरक्षा और सामाजिक सेवा के संकल्प को दोहराते हुए एक सुखद माहौल में हुआ।













