अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले में पहली बार गूंजी पारंपरिक ‘कौडी’ की हुंकार, 128 टीमों ने दिखाया दमखम
चम्बा, 29 जुलाई: अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले के तहत आयोजित खेलकूद प्रतियोगिताओं में इस वर्ष इतिहास रचा गया है। हिमाचल के प्राचीन और पारंपरिक ग्रामीण खेल ‘कौडी’ को पहली बार मिंजर मेले के आधिकारिक मंच पर स्थान मिला है। इस पारंपरिक खेल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलते ही खिलाड़ियों और ग्रामीण क्षेत्रों के खेल प्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
बुधवार को कौडी प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ प्रदेश के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने मुख्य अतिथि के रूप में किया।
गणमान्य हस्तियों की मौजूदगी में शानदार आगाज
समारोह के दौरान स्थानीय विधायक नीरज नैयर, मिंजर मेला समिति के अध्यक्ष एवं उपायुक्त मुकेश रेपसवाल तथा खेलकूद प्रतियोगिता समिति के अध्यक्ष एवं पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के प्रारंभ में जिला चम्बा कौडी संघ के अध्यक्ष डॉ. संजीव सूरी ने मुख्य अतिथि रोहित ठाकुर का स्वागत करते हुए उन्हें पारंपरिक चम्बा थाल, शॉल और टोपी भेंट कर सम्मानित किया।
200 से अधिक पंजीकरण, समय की पाबंदी के कारण 128 टीमें शामिल
पारंपरिक खेल कौडी को लेकर खिलाड़ियों का जुनून इस कदर देखने को मिला कि प्रतियोगिता में 200 से अधिक टीमों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। हालांकि, समय की सीमाओं को ध्यान में रखते हुए आयोजकों को केवल 128 टीमों को ही शामिल करने की अनुमति देनी पड़ी, जिससे शेष टीमों को निराश होकर लौटना पड़ा।
- कुल भाग ले रही टीमें: 128
- उद्घाटन दिवस के मुकाबले: 32 टीमों ने एक साथ मैदान में दिखाया दमखम
- दर्शकों का उत्साह: मैदान में मौजूद भारी जनसैलाब ने तालियों की गड़गड़ाहट से ग्रामीण खेल के रोमांच का आनंद लिया।
शिक्षा मंत्री ने की ₹51,000 की आर्थिक मदद की घोषणा
”प्रदेश की प्राचीन और समृद्ध ग्रामीण खेल संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेले जैसे प्रतिष्ठित मंच पर स्थान मिलना अत्यंत गर्व का विषय है। लगभग दो वर्ष पूर्व स्थानीय विधायक नीरज नैयर ने इस पारंपरिक खेल को मेले में शामिल करने का आग्रह किया था, जो आज सफलतापूर्वक साकार हुआ है।”
— रोहित ठाकुर, शिक्षा मंत्री (हिमाचल प्रदेश)
शिक्षा मंत्री ने इस ऐतिहासिक पहल के लिए विधायक नीरज नैयर, मिंजर मेला समिति और खेल आयोजन समिति को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने अपनी ऐच्छिक निधि से जिला कौडी संघ को ₹51,000 की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की।












