लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्कीम के विरोध में वकीलों की भूख हड़ताल जारी
पठानकोट: पठानकोट जिला बार एसोसिएशन (District Bar Association) द्वारा सरकार की ‘लीगल एड डिफेंस काउंसिल (LADC)’ योजना के विरोध में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और ‘नो वर्किंग’ प्रदर्शन जारी है। वकीलों का आरोप है कि सरकार बिना बार काउंसिल और वकीलों को विश्वास में लिए इस नीति को थोप रही है।
गंभीर अपराधों के आरोपियों को मुफ्त कानूनी सहायता पर सवाल
प्रदर्शनकारी वकीलों का कहना है कि LADC योजना के तहत गंभीर और जघन्य अपराधों (जैसे बलात्कार, पॉक्सो, एसिड अटैक, दहेज हत्या और एनडीपीएस) के आरोपियों को सरकार की ओर से मुफ़्त कानूनी सहायता और वकील मुहैया कराए जा रहे हैं।
वकीलों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
“करदाताओं के पैसे से ऐसे अपराधियों को मुफ़्त कानूनी सहायता देना समाज के लिए बेहद घातक साबित हो रहा है। जब ऐसे अपराधी आसानी से बाहर आते हैं, तो समाज में गलत संदेश जाता है। एक-एक आरोपी पर 10 से 15-15 मामले दर्ज होने के बावजूद उन्हें बार-बार मुफ़्त वकील उपलब्ध कराया जा रहा है।”
पात्रता मापदंड और वकीलों की आजीविका पर प्रभाव
बार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने योजना के नियमों पर सवाल उठाते हुए कहा कि मुफ़्त कानूनी सहायता केवल जरूरतमंदों (गरीबी रेखा से नीचे) को मिलनी चाहिए। वर्तमान स्थिति में कई साधन संपन्न और एकड़ ज़मीन के मालिक भी इस योजना का अनुचित लाभ उठा रहे हैं।
इसके साथ ही, वकीलों ने चिंता जताई कि केवल 4 LADC वकीलों को ही सभी आपराधिक मामले सौंपे जाने से नए और युवा वकीलों की आजीविका और केसों की उपलब्धता पर सीधा असर पड़ रहा है।
मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन
जिला बार एसोसिएशन पठानकोट के उपाध्यक्ष एडवोकेट दर्शन सिंह ने स्पष्ट किया कि जब तक सरकार इस नीति में संशोधन नहीं करती या इसे वापस नहीं लेती, तब तक जॉइंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर यह भूख हड़ताल और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।










