आप नेता संजीव अरोड़ा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजे गए, कोर्ट में बेटी को गले लगा रो पड़े
ED का बड़ा आरोप: ‘रिमांड के दौरान अरोड़ा ने किया गुमराह, 102.5 करोड़ के फर्जी GST रिफंड का है मामला’

आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता संजीव अरोड़ा को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की दो दिन की रिमांड अवधि खत्म होने के बाद सोमवार को उन्हें गुरुग्राम की विशेष अदालत में पेश किया गया। सुनवाई के बाद कोर्ट ने संजीव अरोड़ा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। अब उनकी अगली पेशी 1 जून को होगी।
भावुक क्षण: बेटी को गले लगा रो पड़े अरोड़ा
पेशी के दौरान अदालत परिसर में एक भावुक कर देने वाला नजारा देखने को मिला। संजीव अरोड़ा की दाढ़ी बढ़ी हुई थी और जब वे अदालत में अपने परिवार से मिले, तो अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख पाए। वह अपनी बेटी कृतिका अरोड़ा को गले लगाकर रो पड़े।

ED के संगीन आरोप: जांच में सहयोग न करने का दावा
अदालत में सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने संजीव अरोड़ा पर जांच में सहयोग न करने और गुमराह करने के गंभीर आरोप लगाए।
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- कंपनियों की जानकारी छुपाई: ED के मुताबिक, अरोड़ा ने उन लोगों और कंपनियों के बारे में कोई भी जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया, जिनसे M/s Hampton Sky Realty Limited (HSRL) ने मोबाइल फोन खरीदे थे।
- फर्जी एक्सपोर्ट और 102.5 करोड़ का खेल: ED ने दावा किया कि जब यह कथित फर्जी मोबाइल फोन एक्सपोर्ट का घोटाला हुआ, तब अरोड़ा मेसर्स HSRL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर थे। उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और किए गए एक्सपोर्ट पर अवैध रूप से 102.5 करोड़ रुपये का GST रिफंड डकार लिया।
9 मई को हुए थे गिरफ्तार
आपको बता दें कि संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बीती 9 मई को गिरफ्तार किया गया था। पहली पेशी पर कोर्ट ने उन्हें 7 दिन की ED कस्टडी में भेजा था, जिसके बाद 16 मई को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत दोबारा सुनवाई हुई और कोर्ट ने उन्हें 2 दिन की और रिमांड पर भेजा था। अब रिमांड खत्म होने पर उन्हें जेल भेज दिया गया है।

बचाव पक्ष की दलील: ‘आगे कस्टडी की कोई जरूरत नहीं’
दूसरी ओर, संजीव अरोड़ा के वकील ने अदालत में ED की दलीलों का पुरजोर विरोध किया। उन्होंने कहा कि पूरा मामला पूरी तरह से दस्तावेजी (Documentary) सबूतों पर आधारित है। किसी भी कंपनी या वित्तीय संस्थान के रिकॉर्ड को कब्जे में लेने के लिए अरोड़ा को आगे कस्टडी में रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। ED ये सारे दस्तावेज सीधे संबंधित अथॉरिटी से भी हासिल कर सकती है।

क्या है पूरा मामला?
ED की जांच के अनुसार, यह पूरा घोटाला M/s Hampton Sky Realty Limited (HSRL) से जुड़ा है। कंपनी ने 12 मई 2023 से 27 अक्टूबर 2023 के बीच स्थानीय और विदेशी संस्थाओं को करीब 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल फोन बेचे थे। इसमें से लगभग 102.5 करोड़ रुपये का एक्सपोर्ट यूएई (UAE) की दो कंपनियों—M/s Fortbel Telecom FZCO और M/s Dragon Global FZCO—को दिखाया गया था, जो पूरी तरह संदिग्ध है। इस कंपनी के मालिक लुधियाना के कारोबारी हेमंत सूद और चंद्र शेखर हैं, जो M/s Findoc Finvest Pvt Ltd के जरिए इस खेल में शामिल हैं।








