दीनानगर: करोड़ों के सीवरेज प्रोजेक्ट में भ्रष्टाचार की बू, विजिलेंस की टीम ने दी दबिश
DSP शरणजीत सिंह की अगुवाई में हुई पाइपलाइनों और मेनहोल की बारीकी से जांच; रिपोर्ट के आधार पर हो सकती है बड़ी कार्रवाई

दीनानगर : शहर के सीवरेज सिस्टम में कथित धांधली और भ्रष्टाचार की शिकायतों ने अब तूल पकड़ लिया है। इन गंभीर आरोपों के बाद पंजाब विजिलेंस विभाग पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। गुरुवार को विजिलेंस की एक विशेष टीम ने दीनानगर पहुंचकर सीवरेज प्रोजेक्ट की गहनता से जांच की, जिससे संबंधित विभाग के अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

मौके पर हुई नाप-जोख, रिकॉर्ड खंगाले
जानकारी के अनुसार, विजिलेंस विभाग के डीएसपी शरणजीत सिंह के नेतृत्व में आई टीम ने सीवरेज विभाग के अधिकारियों को साथ लेकर शहर के विभिन्न वार्डों और संवेदनशील इलाकों का दौरा किया। टीम ने न केवल कागजों की जांच की, बल्कि जमीन पर उतरकर सीवरेज पाइपलाइनों की गहराई और मेनहोल के निर्माण की गुणवत्ता को भी परखा। कई जगहों पर विजिलेंस टीम ने पाइपों का व्यास (Diameter) और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को मापने के लिए भौतिक पैमाना भी इस्तेमाल किया।
मीडिया से दूरी, जांच पर फोकस
पूरी जांच प्रक्रिया के दौरान विजिलेंस के अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी। पूछे जाने पर उन्होंने संक्षिप्त में केवल इतना कहा कि— “शिकायत में जिन बिंदुओं को उठाया गया है, उन्हीं के आधार पर तकनीकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।”

क्या हैं आरोप?
बता दें कि इस पूरे मामले की शिकायत स्थानीय नागरिक चंद्रशेखर द्वारा की गई थी। उनके आरोपों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं:
- घटिया सामग्री: प्रोजेक्ट में मानक से कम शक्ति (Low Power/Quality) वाले पाइपों का इस्तेमाल किया गया।
- नियमों की अनदेखी: मेनहोल के निर्माण में तकनीकी मानकों (Standards) को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
- जनता की परेशानी: घटिया निर्माण के कारण सिस्टम बार-बार ब्लॉक हो रहा है, जिससे गंदा पानी सड़कों पर जमा रहता है और लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
- भ्रष्टाचार: प्रोजेक्ट की कुल लागत और असल में हुए काम के बीच बड़े अंतर का दावा किया गया है।
शहर में चर्चा का विषय
विजिलेंस की इस रेड के बाद शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर ईमानदारी से जांच हुई, तो कई बड़े चेहरों और ठेकेदारों पर गाज गिर सकती है। फिलहाल, सभी की निगाहें विजिलेंस की फाइनल रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि शहर की सफाई के नाम पर भ्रष्टाचार का “गंदा खेल” खेलने वाले सलाखों के पीछे जाएंगे या नहीं।







