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23 अप्रैल 2026 आज का खास दिन

23 अप्रैल 2026 आज का खास दिन

अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय महत्व

विश्व पुस्तक एवं कॉपीराइट दिवस (World Book and Copyright Day)

प्रत्येक वर्ष 23 अप्रैल को यूनेस्को के नेतृत्व में दुनिया भर में ‘विश्व पुस्तक दिवस’ मनाया जाता है। इस दिन का उद्देश्य पढ़ने की आदत को बढ़ावा देना, लेखकों के योगदान को सम्मान देना और कॉपीराइट कानूनों के प्रति जागरूकता फैलाना है। दिलचस्प बात यह है कि इसी तारीख को साहित्य जगत के महान हस्ताक्षर विलियम शेक्सपियर और मिगुएल डी सर्वेंट्स जैसे लेखकों की पुण्यतिथि और जन्मतिथि का संयोग भी जुड़ा है।

अंग्रेजी और स्पेनिश भाषा दिवस

संयुक्त राष्ट्र (UN) आज के दिन को ‘अंग्रेजी भाषा दिवस’ और ‘स्पेनिश भाषा दिवस’ के रूप में भी मनाता है। यह दिवस सांस्कृतिक बहुभाषावाद और संगठन के कामकाज में इन भाषाओं के ऐतिहासिक महत्व को रेखांकित करता है।

वीर कुंवर सिंह विजयोत्सव

भारत के इतिहास में आज का दिन बिहार के महान स्वतंत्रता सेनानी बाबू वीर कुंवर सिंह की वीरता को याद करने का है। 1858 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने अदम्य साहस दिखाते हुए इसी दिन जगदीशपुर के पास अंग्रेजों को परास्त किया था।

धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व: गंगा सप्तमी

​आज वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि है, जिसे ‘गंगा सप्तमी’ या ‘गंगा जयंती’ के रूप में मनाया जाता है।

​शास्त्रों के अनुसार, इसी दिन मां गंगा स्वर्ग लोक से भगवान शिव की जटाओं में उतरी थीं। मान्यता है कि आज के दिन गंगा स्नान करने और मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति के जन्म-जन्मांतर के पाप धुल जाते हैं और उसे मोक्ष की प्राप्ति होती है। हरिद्वार, ऋषिकेश और वाराणसी के घाटों पर आज विशेष आरती और उत्सव का आयोजन किया जा रहा है।

आज का पंचांग: 23 अप्रैल 2026

​आज का पंचांग धार्मिक कार्यों और शुभ मुहूर्त के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज ‘गुरु पुष्य योग’ का विशेष संयोग बन रहा है।

  • तिथि: वैशाख, शुक्ल पक्ष, सप्तमी (रात 08:49 बजे तक, तत्पश्चात अष्टमी)।
  • वार: गुरुवार (बृहस्पतिवार)।
  • नक्षत्र: पुनर्वसु (सुबह 08:57 बजे तक), उसके बाद पुष्य नक्षत्र
  • योग: सुकर्मा योग।
  • करण: वणिज (सुबह 08:49 बजे तक), फिर विष्टि।
  • विक्रम संवत: 2083 (राक्षस)।
  • शक संवत: 1948 (पराभव)।

शुभ और अशुभ समय (मुहूर्त)

  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:59 से दोपहर 12:50 तक (किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ)।
  • गुरु पुष्य योग: सुबह 08:57 से अगले दिन सूर्योदय तक (खरीदारी और निवेश के लिए अति शुभ)।
  • राहुकाल: दोपहर 01:58 से दोपहर 03:36 तक (इस समय शुभ कार्यों से बचें)।
  • सूर्योदय: सुबह 06:03 बजे।
  • सूर्यास्त: शाम 06:46 बजे।

​आज का दिन खरीदारी (विशेषकर सोना या संपत्ति), दान और मंत्र साधना के लिए बहुत शुभ माना जा रहा है। गंगा सप्तमी और गुरु पुष्य नक्षत्र का एक ही दिन पड़ना आध्यात्मिक और भौतिक दोनों दृष्टियों से लाभकारी है।

Ami News
Author: Ami News

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