अमृतसर एयरपोर्ट पर बड़ी कार्रवाई: बैंकॉक से आए यात्री से 6.28 करोड़ का हाइड्रोलिक गांजा जब्त
किंगपिन की तलाश में जुटी एजेंसियां, नशा तस्करी के बड़े सिंडिकेट का अंदेशा

अमृतसर : श्री गुरु रामदास जी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग ने नशे के खिलाफ एक और बड़ी सफलता हासिल की है। विभाग की मुस्तैद टीम ने बैंकॉक से आई एक फ्लाइट के यात्री को करोड़ों रुपये के ‘हाइड्रोलिक गांजे’ (High-Quality Hydroponic Ganja) के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद किए गए गांजे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6.28 करोड़ रुपये आंकी गई है।

सामान में छिपाकर लाया था खेप
मिली जानकारी के अनुसार, यात्री बैंकॉक से आने वाली फ्लाइट के जरिए अमृतसर पहुंचा था। कस्टम अधिकारियों को उसकी गतिविधियों पर संदेह हुआ, जिसके बाद उसे ‘ग्रीन चैनल’ पार करते समय रोक लिया गया। जब उसके सामान की सघन तलाशी ली गई, तो बैग के अंदर विशेष रूप से बनाए गए गुप्त खानों में हाइड्रोलिक गांजे के पैकेट बरामद हुए। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी यह खेप किसी स्थानीय संपर्क (Local Contact) को डिलीवर करने वाला था।

आखिर कौन है नशा तस्करी का ‘किंगपिन’?
एयरपोर्ट पर पिछले कुछ महीनों में करोड़ों रुपये का गांजा और अन्य नशीले पदार्थ पकड़े जा चुके हैं, लेकिन हर बार केवल ‘कूरियर’ (माल लाने वाला यात्री) ही गिरफ्त में आता है। जांच एजेंसियां इस बात को लेकर चिंतित हैं कि इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड या ‘किंगपिन’ कौन है?
- सप्लाई चेन: बैंकॉक से अमृतसर तक नशा पहुँचाने के लिए किस नेटवर्क का इस्तेमाल हो रहा है?
- लोकल लिंक: पंजाब में इस महंगे नशे की डिलीवरी किन लोगों को दी जानी थी?
- विदेशों में बैठे आका: शक है कि इस तस्करी के तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग माफिया से जुड़े हैं, जो भोले-भले यात्रियों या लालच में आए लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कस्टम विभाग का बयान
कस्टम अधिकारियों के अनुसार, आरोपी यात्री को एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया गया है। विभाग अब यात्री के फोन कॉल रिकॉर्ड्स और पिछले यात्रा विवरणों को खंगाल रहा है ताकि उस असली चेहरे तक पहुँचा जा सके, जो पर्दे के पीछे से इस करोड़ों के काले कारोबार को चला रहा है।
नोट: हाइड्रोलिक गांजा सामान्य गांजे की तुलना में काफी महंगा और घातक होता है, जिसे विशेष लैब या नियंत्रित वातावरण (Hydroponics) में उगाया जाता है।








