दाखिला न मिलने से आहत 10वीं की छात्रा ने लगाई फांसी, आर्थिक तंगी बनी मौत की वजह

लुधियाना : हैबोवाल के पवित्र नगर इलाके में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 10वीं कक्षा में दाखिला न मिल पाने से परेशान एक 16 वर्षीय किशोरी ने मौत को गले लगा लिया। मृतका की पहचान दिव्या के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है।

पिता ने कहा था- ‘हाथ तंग है, कुछ दिन रुक जाओ’
मिली जानकारी के अनुसार, दिव्या ने हाल ही में 9वीं कक्षा उत्तीर्ण की थी और वह आगे की पढ़ाई के लिए 10वीं में दाखिला लेने के लिए उत्सुक थी। दिव्या के पिता अरुण कुमार कपड़ों पर कढ़ाई का काम करते हैं और माँ दूसरों के घरों में सफाई कर परिवार का भरण-पोषण करती है। परिवार की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर है। जब दिव्या ने दाखिले की जिद की, तो पिता ने मजबूरी जताते हुए उसे समझाया था कि अभी पैसे नहीं हैं, कुछ दिनों बाद उसका एडमिशन करवा देंगे।
कमरे में फंदे से झूलता मिला शव
घटना के समय दिव्या की छोटी बहन बाहर खेल रही थी और माता-पिता काम पर थे। इसी दौरान दिव्या ने कमरे के अंदर जाकर दरवाजा बंद कर लिया और पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर छोटी बहन ने शोर मचाया। परिजनों ने जब दरवाजा तोड़ा तो अंदर दिव्या का शव लटका देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
“पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है। परिजनों के बयानों के आधार पर धारा 174 के तहत कार्रवाई की गई है। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा।”
— कृष्ण कुमार, एसएचओ, थाना हैबोवाल

एक नज़र में घटना:
- स्थान: पवित्र नगर, हैबोवाल (लुधियाना)
- मृतका: दिव्या (16 वर्ष), छात्रा 10वीं कक्षा
- कारण: आर्थिक तंगी के चलते दाखिले में देरी से मानसिक तनाव
- पुलिस कार्रवाई: धारा 174 के तहत मामला दर्ज

यह घटना समाज और सिस्टम के लिए एक चेतावनी है। शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरत के लिए किसी मासूम का जान देना हमारे समय की बड़ी त्रासदी है। यदि आप या आपका कोई जानने वाला तनाव महसूस कर रहा है, तो कृपया मदद मांगें और विशेषज्ञों से बात करें।








