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हिमाचल प्रदेश के नूरपुर में नशे के सौदागरों पर पुलिस का कड़ा शिकंजा, एक करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज

हिमाचल प्रदेश के नूरपुर में नशे के सौदागरों पर पुलिस का कड़ा शिकंजा, एक करोड़ से अधिक की संपत्ति फ्रीज

​हिमाचल प्रदेश के नूरपुर में नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज और आक्रामक रूप ले चुकी है। इसी कड़ी में नूरपुर पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध प्रभावी कानूनी कार्रवाई को अंजाम दिया जा रहा है। इंदौरा थाना क्षेत्र के वर्ष 2017 के एक चर्चित हेरोइन मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए एक करोड़ एक लाख तिप्पन हजार सात सौ अठारह रुपये मूल्य की तीन संपत्तियों को फ्रीज करने के आदेश की पुष्टि सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक एनडीपीएस एक्ट नई दिल्ली द्वारा करवा ली है। यह कार्रवाई नशा तस्करी से अर्जित अवैध संपत्तियों पर कानूनी शिकंजा कसने और तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम है।

​इंदौरा थाना में 30 मई 2017 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था, जिसमें श्रीमती दलवीरो के कब्जे से 6.50 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। इस मामले में माननीय न्यायालय द्वारा 1 अप्रैल 2025 को आरोपी को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जा चुकी है। मामले के संबंध में पुलिस द्वारा की गई वित्तीय जांच के दौरान संबंधित संपत्तियों के स्वामित्व, निर्माण, मूल्यांकन और उनके अर्जन के वैध स्रोतों की गहन जांच-पड़ताल की गई। जांच के आधार पर पुलिस थाना इंदौरा द्वारा प्रेषित आदेश की पुष्टि सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक एनडीपीएस एक्ट नई दिल्ली द्वारा 26 अक्टूबर 2026 को कर दी गई है, जिसके तहत उक्त संपत्तियों के हस्तांतरण, बिक्री या अन्य किसी भी प्रकार के निपटान पर पूर्ण वैधानिक प्रतिबंध लग गया है ताकि कानून के अंतर्गत आगे की न्यायिक प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सके।

​फ्रीज की गई संपत्तियों का विस्तृत विवरण देते हुए अधिकारियों ने बताया कि इस कार्रवाई के दायरे में स्वर्गीय श्री अजय कुमार की आवासीय संपत्ति (ग्राम छन्नी, तहसील इंदौरा, जिला कांगड़ा) शामिल है, जिसका निर्धारित मूल्य लगभग 8 लाख 96 हजार 581 रुपये है। इसके अतिरिक्त दूसरी संपत्ति मिथुन उर्फ छप्पर पुत्र स्वर्गीय श्री अजय कुमार की है, जो उसी क्षेत्र में स्थित आवासीय संरचना, उससे संबंधित फर्नीचर, घरेलू उपकरणों और अन्य घरेलू सामान के रूप में है, जिसका मूल्य 32 लाख 60 हजार 950 रुपये आंका गया है। तीसरी संपत्ति श्रीमती धारो देवी पुत्री स्वर्गीय श्री अजय कुमार की मारुति सुजुकी कार है, जिसका पंजीकरण संख्या HP-38E-0464 है और इसका निर्धारित मूल्य 6 लाख 98 हजार 207 रुपये है। एनडीपीएस एक्ट के अध्याय 5ए की धारा 68एफ की उपधारा 2 के अंतर्गत इन सभी संपत्तियों की फ्रीजिंग की पुष्टि की गई है।

​अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धर्मचंद वर्मा के मुताबिक, पुलिस जिला नूरपुर नशा तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई को केवल मादक पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रख रहा है, बल्कि नशे के अवैध कारोबार से अर्जित संपत्तियों की पहचान कर उन्हें कानून के अनुरूप फ्रीज करने पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। इस सोची-समझी रणनीति का मुख्य उद्देश्य नशा तस्करी से अर्जित अवैध आर्थिक लाभ पर रोक लगाना और इस धंधे से जुड़े पूरे आर्थिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। पुलिस जिला नूरपुर द्वारा अब तक नशा तस्करी के मामलों में 31 करोड़ 71 लाख 61 हजार 429 रुपये मूल्य की संपत्तियों को सक्षम प्राधिकारी द्वारा पुष्टि के उपरांत फ्रीज किया जा चुका है। प्रशासन और पुलिस ने आम जनता से भी पुरजोर अपील की है कि वे नशा तस्करी एवं अवैध मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़ी किसी भी प्रकार की संदिग्ध सूचना बेझिझक पुलिस के साथ साझा करें ताकि क्षेत्र को पूरी तरह से नशामुक्त बनाया जा सके।

Ami News
Author: Ami News

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