चुनावी वादों में उलझा सुजानपुर-जुगियाल मार्ग, गड्ढों में तब्दील हुई क्षेत्र की ‘लाइफलाइन’
- बरसात के दिनों में और खतरनाक हुआ सफर; स्कूली बच्चों व राहगीरों की जान जोखिम में
- ग्रामीण बोले: काम शुरू नहीं हुआ तो राजनीतिक नेताओं के नाम पर लगवाएंगे 25-30 नींव के पत्थर
पठानकोट / सुजानपुर: चुनाव आते ही विकास के बड़े-बड़े दावे और वादे किए जाते हैं, लेकिन चुनाव बीतते ही सब हवा हो जाता है। यह दर्द है सुजानपुर-जुगियाल मार्ग से रोजाना गुजरने वाले हजारों लोगों का। कभी इस इलाके की ‘लाइफलाइन’ कही जाने वाली यह सड़क आज प्रशासनिक उपेक्षा और गड्ढों की शिकार बनकर रह गई है।
मानसून और हालिया भारी बारिश के दौरान इस मार्ग की हालत बेहद भयानक हो गई है। जलभराव, उखड़ी हुई सड़क और उड़ती धूल-मिट्टी के कारण रोजाना स्कूल जाने वाले बच्चों, कर्मचारियों और वाहन चालकों को अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। बारिश ने क्षेत्र के इंफ्रास्ट्रक्चर की पोल खोलकर रख दी है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से सिर्फ मिले ‘आश्वासन’
स्थानीय निवासियों का कहना है कि सड़क की सुध लेने के लिए जन प्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही हाथ लगा। दावों के विपरीत धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है।
सरपंच बलविंदर सिंह मक्खन का बयान: > “सुजानपुर-शाहपुर/जुगियाल मार्ग की हालत बेहद खस्ता हो चुकी है। हमने प्रशासन और तमाम राजनीतिक नेताओं से मिन्नतें कीं, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। बीच में सड़क निर्माण शुरू होने की आस जगी थी, पर काम फिर ठप हो गया। हर पार्टी और नेता श्रेय लेने की होड़ में दावा करते हैं कि यह उनका प्रयास है, लेकिन सड़क का निर्माण नहीं होता। अब हमारी इतनी औकात तो नहीं कि पूरी सड़क बनवा सकें, लेकिन अगर नेता कहें तो हम उनके नाम के 20-25 या 30 नींव के पत्थर लगवाने को तैयार हैं। हमारी हाथ जोड़कर विनती है कि राजनीति छोड़कर इस सड़क का काम जल्द शुरू करवाया जाए।”
उठते गंभीर सवाल:
- क्या विकास के बड़े-बड़े दावे केवल चुनावी भाषणों तक ही सीमित हैं?
- सुजानपुर-जुगियाल रोड को इन खतरनाक गड्ढों से कब आजादी मिलेगी?
- क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है?










